Budget Expectation 2026: बड़े तोहफे नहीं, लोगों को असरदार छोटे उपायों की उम्‍मीद

अर्थशास्त्री और सीए डॉ. शरद कोहली ने बजट 2026 पर अपने विचार साझा करते हुए व्यावहारिक कर सरलीकरण, निवेशक-अनुकूल सुधार, एमएसएमई को राहत और आर्थिक गति को बनाए रखने पर जोर दिया है।

Budget 2026

1 फरवरी को वित्त मंत्री बजट पेश करेंगी।

Budget Expectation 2026: नई टैक्स व्यवस्था अब ज्‍यादातर करदाताओं की पसंद बन चुकी है. इसमें लोग कुछ व्यावहारिक सुधार चाहते हैं, मध्यम आय वर्ग के लिए टैक्स स्लैब की सीमा थोड़ी बढ़े और महंगाई के असर को कम करने के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े. बड़े टैक्स कट की उम्मीद कम है; लोगों को चाहिए साफ-सुथरे नियम, कम झंझट और रिटर्न भरते समय कोई अचानक परेशानी न हो.

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वित्तीय और टैक्स सलाहकार और सीए शरद कोहली के अनुसार डायरेक्ट टैक्स में भी सुधार की जरूरत है. कैपिटल गेन टैक्स के नियम आज उलझे हुए हैं, अलग-अलग होल्डिंग पीरियड और बदलती दरें निवेशकों को भ्रमित करती हैं. अगर इन्हें सरल और एकरूप बनाया जाए, तो लंबे समय के निवेश को बढ़ावा मिल सकता है. साथ ही, फेसलेस ऑडिट की प्रक्रिया को और बेहतर करना और विवादों का जल्दी निपटारा करना जरूरी है, ताकि कोर्ट-कचहरी के चक्कर कम हों.

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जीएसटी अब पूरी तरह लागू हो चुका है, इसलिए बड़े बदलाव नहीं, बल्कि छोटे सुधार अपेक्षित हैं, रिफंड जल्दी मिलें, इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की समस्याएं सुलझें जो कैश फ्लो को नुकसान पहुंचाती हैं और बार-बार दरों में बदलाव न हों. खासकर एमएसएमई और छोटे कारोबारियों को आसान कंप्लायंस और इनपुट टैक्स क्रेडिट के साफ नियमों से बड़ी राहत मिलेगी.

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कुल मिलाकर, सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें, फैक्ट्रियां, रोजगार पर बना रहेगा और साथ ही राजकोषीय घाटे को धीरे-धीरे कम किया जाएगा.

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बाजारों को स्थिरता चाहिए: बड़े झटकों की बजाय छोटे, भरोसेमंद कदम
अगर यह बजट भरोसा बढ़ाने, टैक्स को सरल बनाने और नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन पर ध्यान देता है, तो यह शोर-शराबे से नहीं, बल्कि अपनी सादगी और समझदारी से याद रखा जाएगा.

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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