त्योहारों के इस सीजन में आम जनता और यात्रियों की जेब पर एक के बाद एक महंगाई का बोझ बढ़ता जा रहा है. 1 अक्टूबर 2026 की शुरुआत जहां एक तरफ कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ हुई, वहीं दूसरी तरफ हवाई यात्रा करने वालों और एयरलाइंस कंपनियों को भी एक बड़ा झटका लगा है.
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) यानी हवाई जहाज के ईंधन की दरों में भारी इजाफा कर दिया है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड और एनर्जी की कीमतों में आए उछाल का सीधा असर अब घरेलू एविएशन सेक्टर पर पड़ता दिख रहा है.
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लगातार तीसरे महीने बढ़े ATF के दाम:
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 1 अक्टूबर से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की दरों में सीधे 16 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई है. घरेलू एयरलाइंस के लिए एटीएफ की कीमत अब 121 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 137 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है. इससे पहले सितंबर में हवाई ईंधन 6.28 रुपये प्रति लीटर यानी लगभग 5.46% और अगस्त में 5 रुपये प्रति लीटर महंगा हुआ था. यानी लगातार तीसरे महीने एटीएफ के दाम में उछाल आया है.
क्या अब महंगा हो जाएगा हवाई जहाज का सफर?
अगर आप भी करवाचौथ, दिवाली या छठ पूजा पर घर जाने के लिए फ्लाइट का टिकट बुक करने की सोच रहे हैं, तो थोड़ी जेब ढीली करनी पड़ सकती है. किसी भी एयरलाइन कंपनी के कुल ऑपरेटिंग खर्च जैसे कि गाड़ी या प्लेन चलाने के खर्च में अकेले हवाई ईंधन (ATF) का हिस्सा करीब 40% होता है. जब ईंधन इतना महंगा होगा, तो एयरलाइंस कंपनियों के पास अपने किराए (Airfare) बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में व्यस्त रूट्स पर हवाई टिकटों के दाम और बढ़ सकते हैं.
कमर्शियल LPG भी हुई महंगी, घरेलू रसोई को राहत
ईंधन के साथ-साथ महीने की पहली तारीख को कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ा दिए गए हैं. 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. जून में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने और जुलाई-अगस्त में राहत मिलने के बाद सितंबर से इसमें फिर से तेजी देखी जा रही है.
वहीं 14.2-किलो वाला घरेलू सिलेंडर के दाम में न तो कटौती की गई है और न ही बढ़ोतरी. यह अब भी दिल्ली में 942 रुपये के पुराने रेट पर ही स्थिर है.
क्यों बार-बार बदलती हैं कीमतें?
इंडियन ऑयल और अन्य तेल कंपनियों के अनुसार, ATF और LPG की दरों में हर महीने की पहली तारीख को समीक्षा (Revision) की जाती है. यह बदलाव मुख्य रूप से दो वजहों से होता है. पहली वजह है वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की सप्लाई तथा मांग. और दूसरी वजह है डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की मजबूती या कमजोरी. साथ ही, अलग-अलग राज्यों में लगने वाले स्थानीय करों (VAT) की वजह से हर शहर में इसके रेट थोड़े अलग हो सकते हैं.
त्योहारों के सीजन में अगर आप हवाई यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो आखिरी समय का इंतजार करने के बजाय जितना जल्दी हो सके अपनी फ्लाइट टिकट बुक कर लें, क्योंकि आने वाले दिनों में एयरलाइंस कंपनियां बढ़े हुए फ्यूल चार्ज का बोझ यात्रियों की जेब पर डाल सकती हैं.
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