नई दिल्ली: अगर आप इस साल त्योहारों से पहले अपने घर को नया लुक देने या पेंटिंग कराने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर थोड़ा असर डाल सकती है। देश की सबसे बड़ी पेंट कंपनी एशियन पेंट्स (Asian Paints) ने अपने चुनिंदा पेंट प्रोडक्ट्स की कीमतों में 12% तक की भारी बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है।
कंपनी का साफ कहना है कि वैश्विक कारणों से उनके लिए लागत को संभालना मुश्किल हो रहा था, जिसके चलते उन्हें रेट्स बढ़ाने पड़े हैं। आइए समझते हैं कि पेंट अचानक क्यों महंगा हुआ है और इसका आम जनता पर क्या असर पड़ेगा।
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कब से लागू हो रहे हैं नए रेट्स?
आपको ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा क्योंकि कंपनी के मुताबिक पेंट की ये नई कीमतें आज यानी 14 जुलाई 2026 से ही लागू हो गई हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि यह बढ़ोतरी सभी प्रोडक्ट्स पर एक जैसी नहीं है। अलग-अलग पेंट, पुट्टी और प्राइमर की कैटेगरी के हिसाब से रेट्स बढ़ाए गए हैं, जो अधिकतम 12% तक जा रहे हैं।
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आखिर क्यों महंगे हुए पेंट?
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पेंट की डिब्बियों पर छपे दाम बढ़ने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें हैं:
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कच्चे माल की बढ़ती लागत: पेंट बनाने में कई तरह के केमिकल्स और कच्चे माल (Raw Materials) का इस्तेमाल होता है, जिन्हें विदेशों से आयात (Import) किया जाता है। पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे तनाव की वजह से इन कच्चे मालों की सप्लाई चेन पर बुरा असर पड़ा है और ये काफी महंगे हो गए हैं।
शिपिंग और माल ढुलाई का महंगा होना: भू-राजनीतिक तनाव के चलते समुद्री रास्तों से आने वाले माल का किराया (Sea Freight Charges) और शिपिंग की लागत बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसी बढ़े हुए खर्च का बोझ अब कंपनी को मजबूरन ग्राहकों पर डालना पड़ा है।
किन लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर?
आम घरवाले और बिल्डर्स: इस फैसले का सबसे सीधा झटका उन लोगों को लगेगा जो अपना नया घर बनवा रहे हैं या त्योहारों से पहले घर की मरम्मत और पुताई की प्लानिंग कर रहे थे।
कांट्रैक्टर्स और डिजाइनर्स: इंटीरियर डिजाइनर्स और पेंटिंग कांट्रैक्टर्स के लिए भी अब प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ जाएगी, जिससे वे ग्राहकों से ज्यादा चार्ज कर सकते हैं।
क्या दूसरी कंपनियां भी बढ़ाएंगी दाम?: हालांकि अभी सिर्फ एशियन पेंट्स ने इसकी शुरुआत की है, लेकिन जानकारों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की किल्लत और शिपिंग का किराया कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में बरजर (Berger) और नेरोलक (Nerolac) जैसी दूसरी बड़ी पेंट कंपनियां भी अपने दाम बढ़ा सकती हैं।