8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी फेडरेशनों (जैसे FNPO) ने जो 60 पन्नों का ज्ञापन सौंपा है, उसमें 3.25 फिटमेंट फैक्टर और 5% सालाना इंक्रीमेंट की मांग सबसे प्रमुख है. अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक उछाल आएगा. इसका पूरा गुणा-गणित यहां समझें :
RBI Rules: नोटबंदी के बाद अब भी पड़े हैं 2000 रुपये के नोट? जानें उसका क्या कर सकते हैं?
3.25 फिटमेंट फैक्टर का गणित (Basic Salary Calculation)
फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जिससे आपकी वर्तमान बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. अगर सरकार 3.25 फिटमेंट फैक्टर पर सहमत हो जाती है तो जानिये लेवल 1 से लेवल 18 तक के कर्मचारियों की सैलरी कितनी हो जाएगी…
इन देशों के पास है चांदी का अथाह भंडार? जानें भारत के पास कितना?
Level 1 (न्यूनतम): अभी बेसिक पे 18000 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 58500 रुपये हो जाएगा. यानी 40500 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 6 (ग्रुप B): अभी बेसिक पे 35400 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 115050 रुपये हो जाएगा. यानी 79650 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 10 (ग्रुप A): अभी बेसिक पे 56100 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 182325 रुपये हो जाएगा. यानी 126225 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 18 (अधिकतम): अभी बेसिक पे 250000 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 812500 रुपये हो जाएगा. यानी 562500 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
पेंशन पर असर:
पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन भी इसी फिटमेंट फैक्टर (3.25) से गुणा होकर बढ़ जाएगी.
Vande Bharat Sleeper Train: आज से शुरू हो रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, किन स्टेशनों पर रूकेगी? जानें किराया से लेकर टाइमिंग तक
सालाना इंक्रीमेंट: 3% से बढ़ाकर 5% की मांग
वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को साल में एक बार 3% का इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) मिलता है. फेडरेशन ने इसे बढ़ाकर 5% करने की मांग की है. अगर किसी की बेसिक सैलरी 60000 है तो 3% की दर से अगले साल सैलरी 61,800 होगी यानी 1,800 रुपये की वृद्धि. अगर 5% की दर से (प्रस्तावित) बढ़ता है तो अगले साल सैलरी 63000 होगी, यानी 3000 की वृद्धि होगी. यह चक्रवृद्धि (Compound) तरीके से बढ़ता है, जिससे लंबी सर्विस वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय बहुत बड़ा लाभ मिलेगा.
मांग के पीछे का तर्क (Why 3.25 Factor?)
फेडरेशन ने अपने 60 पन्नों के ज्ञापन में '1957 ILC फॉर्मूला' और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया है. उनका कहना है कि महंगाई (Inflation) और जीवनयापन की लागत पिछले 10 वर्षों में बहुत बढ़ी है. जूनियर और सीनियर के वेतन के बीच के अंतर (Pay Gap) को संतुलित करने के लिए ऊंचे फिटमेंट फैक्टर की जरूरत है. 5% इंक्रीमेंट से कर्मचारियों की खरीदने की शक्ति (Purchasing Power) बनी रहेगी.
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर कर्मचारी फेडरेशनों (जैसे FNPO) ने जो 60 पन्नों का ज्ञापन सौंपा है, उसमें 3.25 फिटमेंट फैक्टर और 5% सालाना इंक्रीमेंट की मांग सबसे प्रमुख है. अगर सरकार इन मांगों को मान लेती है, तो सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में ऐतिहासिक उछाल आएगा. इसका पूरा गुणा-गणित यहां समझें :
RBI Rules: नोटबंदी के बाद अब भी पड़े हैं 2000 रुपये के नोट? जानें उसका क्या कर सकते हैं?
3.25 फिटमेंट फैक्टर का गणित (Basic Salary Calculation)
फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जिससे आपकी वर्तमान बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जाती है. अगर सरकार 3.25 फिटमेंट फैक्टर पर सहमत हो जाती है तो जानिये लेवल 1 से लेवल 18 तक के कर्मचारियों की सैलरी कितनी हो जाएगी…
इन देशों के पास है चांदी का अथाह भंडार? जानें भारत के पास कितना?
Level 1 (न्यूनतम): अभी बेसिक पे 18000 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 58500 रुपये हो जाएगा. यानी 40500 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 6 (ग्रुप B): अभी बेसिक पे 35400 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 115050 रुपये हो जाएगा. यानी 79650 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 10 (ग्रुप A): अभी बेसिक पे 56100 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 182325 रुपये हो जाएगा. यानी 126225 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
Level 18 (अधिकतम): अभी बेसिक पे 250000 रुपये है और 3.25 फिटमेंट फैक्टर के बाद बेसिक पे 812500 रुपये हो जाएगा. यानी 562500 रुपये की बढ़ोतरी होगी.
पेंशन पर असर:
पेंशनभोगियों की बेसिक पेंशन भी इसी फिटमेंट फैक्टर (3.25) से गुणा होकर बढ़ जाएगी.
Vande Bharat Sleeper Train: आज से शुरू हो रही वंदे भारत स्लीपर ट्रेन, किन स्टेशनों पर रूकेगी? जानें किराया से लेकर टाइमिंग तक
सालाना इंक्रीमेंट: 3% से बढ़ाकर 5% की मांग
वर्तमान में सरकारी कर्मचारियों को साल में एक बार 3% का इंक्रीमेंट (वेतन वृद्धि) मिलता है. फेडरेशन ने इसे बढ़ाकर 5% करने की मांग की है. अगर किसी की बेसिक सैलरी 60000 है तो 3% की दर से अगले साल सैलरी 61,800 होगी यानी 1,800 रुपये की वृद्धि. अगर 5% की दर से (प्रस्तावित) बढ़ता है तो अगले साल सैलरी 63000 होगी, यानी 3000 की वृद्धि होगी. यह चक्रवृद्धि (Compound) तरीके से बढ़ता है, जिससे लंबी सर्विस वाले कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय बहुत बड़ा लाभ मिलेगा.
मांग के पीछे का तर्क (Why 3.25 Factor?)
फेडरेशन ने अपने 60 पन्नों के ज्ञापन में ‘1957 ILC फॉर्मूला’ और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला दिया है. उनका कहना है कि महंगाई (Inflation) और जीवनयापन की लागत पिछले 10 वर्षों में बहुत बढ़ी है. जूनियर और सीनियर के वेतन के बीच के अंतर (Pay Gap) को संतुलित करने के लिए ऊंचे फिटमेंट फैक्टर की जरूरत है. 5% इंक्रीमेंट से कर्मचारियों की खरीदने की शक्ति (Purchasing Power) बनी रहेगी.