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सुशासन बाबू के मन को क्यों नहीं पढ़ पाते उनके दोस्त, आगे क्या होगा अंजाम?

Bharat Ek Soch: नीतीश कुमार के मन में क्या चल रहा है, इसे समझना नामुमकिन है। बिहार की राजनीति में अब आगे क्या होगा?

Bharat Ek Soch: नीतीश कुमार बिहार के नौवीं बार मुख्यमंत्री बने हैं। रविवार को उन्होंने एक बार फिर सीएम पद की शपथ ली। वह एक बार फिर एनडीए के खेमे में हैं। अब सवाल ये कि नीतीश कुमार के पास ऐसी कौन सी जादुई छड़ी, जादुई मंत्र है, जिसमें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वही बने रहते हैं?

नीतीश कुमार के सीएम बनने के बाद कई सवाल हैं। जैसे- बिहार पॉलिटिक्स में अब जेडीयू का क्या होगा? ऐसे सभी सुलगते सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे- अपने स्पेशल शो ‘नीतीश को समझना नामुमकिन है’ में…

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सितारे हमेशा मजबूत

इसे नीतीश कुमार की सत्ता में बने रहने की बाजीगरी का नाम दिया जाए या जरूरत के मुताबिक नए सहयोगियों को जोड़ने का हुनर…उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बनाए रखने वाले सितारे हमेशा मजबूत रहे हैं। नौंवी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर बख्तियारपुर के मुन्ना ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया। नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड अबतक भारत में किसी भी राजनेता के नाम नहीं है।

नीतीश की राजनीति का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि वो बड़ी सफाई से पुराने दोस्तों से हाथ झटक कर नए दोस्त बना लेते हैं। जिसमें मुख्यमंत्री की कुर्सी उनके पास ही रहती है। सिर्फ उप-मुख्यमंत्री बदल जाते हैं। अब JDU के साथ आरजेडी की जगह बीजेपी है, उप-मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तेजस्वी यादव की जगह बीजेपी के सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा हैं।

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माना जा रहा है कि नीतीश बहुत पहले भांप गए थे कि विपक्षी महागठबंधन में उन्हें कुछ खास नहीं मिलने वाला है। ऐसे में G-20 के डिनर में दिल्ली पहुंच कर नीतीश कुमार ने एनडीए को लेकर सॉफ्ट होने का पहला संकेत दिया। माना ये भी जा रहा है कि इसके बाद नीतीश का बीजेपी का साथ भीतरखाने संवाद की कड़िया जुड़ने लगीं। शायद, नीतीश के दिमाग में चल रहे नए समीकरण को उनके करीबी माने जानेवाले ललन सिंह भी नहीं समझ पाए।

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First published on: Jan 28, 2024 09:00 PM

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About the Author

Anurradha Prasad

अनुराधा प्रसाद के लिए पत्रकारिता सिर्फ पेशा नहीं...मिशन है। अपनी साढ़े तीन दशक की टेलीविजन पत्रकारिता में हर तरह का प्रयोग देखा...हर बदलाव की साक्षी रहीं... एक तेज-तर्रार रिपोर्टर से सफल मीडिया उद्यमी बनीं....अपनी तेज नज़र, दूरदर्शी सोच और कलम के दम पर मीडिया जगत में एक दमदार हस्ताक्षर हैं। अनुराधा प्रसाद जी न्यूज़ 24 की एडिटर-इन-चीफ और बीएजी नेटवर्क की सीएमडी हैं  । बतौर टेलीविजन पत्रकार हर भारतीय की आवाज बुलंद करने की ईमानदार कोशिश किया और हमेशा Think First के फलसफे पर आगे बढ़ने में यकीन करती हैं। न्यूज़ 24 पर इतिहास गवाह है...सीरीज के जरिए दर्शकों को अतीत के पन्नों से रू-ब-रू करवाती रही हैं.. तो भारत भाग्य विधाता जैसी सीरिज के जरिए उन संस्थाओं और व्यक्तियों से दर्शकों का परिचय कराया- जो आजाद भारत में लोकतंत्र को  मजबूत और गणतंत्र को बुलंद बनाने में खामोशी से कर्मयोगी की भूमिका में हैं। इसी तरह भारत एक सोच के जरिए वक्त से आगे की सोच से भी दर्शकों का साक्षात्कार कराती रही हैं । ये अनुराधा प्रसाद की मुखर और प्रखर सोच का ही नतीजा है कि न्यूज़ 24 पर माहौल क्या है-कार्यक्रम में आम आदमी की आवाज को  पूरी तवज्जो मिलती है...तो India’s Tiger जैसी टेली सीरीज के जरिए उन गुमनाम जासूसों के योगदान से भी दर्शकों तो मिलवाने का भगीरथ प्रयास हो रहा है, जो खामोशी से अपना काम कर नेपथ्य में चले गए । मंथन का मंच सजा कर समाज और सिस्टम के असरदार लोगों की सोच से दर्शकों का साक्षात्कार कराती रही हैं । 1990 के दशक में प्रसारित आपके The horse's mouth और Let’s Talk शो ने भारतीय टेलीविजन को चर्चित शख्सियतों के इंटरव्यू का नया अंदाज दिया...तो आमने-सामने में आपके तीखे सवालों का देश के ज्यादातर सियासतदानों ने सामना किया। आपकी अगुवाई में बीएजी नेटवर्क ने सामाजिक सरोकार और जागरूकता के संदेश वाले कई कार्यक्रम बनाए तो चुनावी मौसम में नेताओं के चाल, चरित्र और चेहरे को भी रोचक अंदाज में दर्शकों के सामने रखने का सफल प्रयोग किया । अनुराधा प्रसाद भारत में टेलीविजन पत्रकारिता में पहली पीढ़ी की पत्रकार हैं...जिन्होंने अपनी बुलंद सोच और नए-नए शोज से भारतीय टेलीविजन न्यूज़ का चेहरा बदला । अनुराधा प्रसाद भारत को समर्पित एक ऐसी शख्सियत हैं... जो पत्रकारिता के जरिए हमेशा समाज को कुछ नया देने के मिशन में पूरी शिद्दत से जुटी रहती हैं...जुटी हुई हैं और जुटी रहेंगी।

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