कार खरीदने के कुछ साल बाद अक्सर यह सवाल आता है कि इसे अभी चलाते रहें या बेचकर नई कार ले लें. सिर्फ कार कितनी पुरानी हो गई है, इस आधार पर फैसला करना सही नहीं होता. कार की कंडीशन, मेंटेनेंस खर्च, माइलेज और रीसेल वेल्यू जैसी कई बातें इस फैसले में अहम होती हैं. अगर सही समय पर पुरानी कार बेच दी जाए तो लगातार बढ़ते रखरखाव खर्च से बचने के साथ उसकी अच्छी रीसेल वैल्यू भी मिल सकती है. ऐसे में कुछ संकेत हैं जिन्हें देखकर आपर समझ सकते हैं कि अब कार बेचने का समय आ गया है.
बार-बार आने लगा है बड़ा रिपेयर बिल
अगर कार में बार-बार बड़ी खराबियां आए लगी हैं और हर कुछ महीनों में हजारों रुपये रिपेयर पर खर्च हो रहे हैं तो यह कार बेचने का संकेत हो सकता है. खासकर Engine, Gearbox, Suspension या Electrical System में बार-बार समस्या आने पर मेंटेनेंस कॉस्ट तेजी से बढ़ सकती है. अगर किसी पुरानी कार पर सालभर में 50-60 हजार रुपये मेंटेनेंस और रिपेयर पर खर्च हो रहे हैं और अगले साल भी बड़े की खर्च की संभावना है तो उसकी रीसेल वैल्यू का हिसाब लगाना समझदारी होगा.
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कार का माइलेज लगातार गिर रहा है
टाइम के साथ कार का माइलेज थोड़ा कम होना समान्य है, लेकिन अगर फ्यूल एफिशिएंसी में लगातार और बड़ा अंतर आने लगा है तो इसकी वजह जानना जरूरी है. अगर सर्विस और जरूरी रिपेयर के बाद भी माइलेज बेहतर नहीं हो रहा और आपको रोजाना रनिंग ज्यादा हो तो कम फ्यूल एफिशिएंट पुरानी कार को बदलना सही फैसला हो सकता है.
पुराने पड़ रहे हैं सेफ्टी फीचर्स
नई कारों में समय के साथ सेफ्टी टेक्नोलॉजी बेहतर होती जा रही है. अगर आपकी पुरानी कार में जरूरी सेफ्टी फीचर्स कम हैं और आप इसे लंबे समय तक चलाने की प्लानिंग बना रहे हैं तो नई कार में अपग्रेड करने पर सोचा जा सकता है. खासकर अगर आपकी प्राथमिकता बेहतर सुरक्षा है तो.
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अभी अच्छी मिल रही है Resale Value
कार जितनी पुरानी होती जाती है उसकी रीसेल वैल्यू आमतौर पर कम हो जाती है. अगर आपकी कार अभी अच्छी कंडीशन में है और बाजार में उसकी मांग बनी हुई है तो इसे बेचने पर अपेक्षाकृतक बेहतर कीमत मिल सकती है. एक्सीडेंट हिस्ट्री न होना, सर्विस रिकॉर्ड उपलब्ध होना और किमी कम होना भी बेहतर कीमत दिलाने में मदद कर सकता है.
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आपकी जरूरतें बदल गई हैं
कई बार कार में कोई बड़ी खराबी नहीं होती लेकिन आपकी जरूरत बदल जाती है. परिवार बढ़ गया है. रोजाना ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है या अब ज्यादा स्पेस और कम्फर्ट चाहिए तो पुरानी कार बेचकर नई कार लेने पर विचार किया जा सकता है. इसी तरह अगर कार का इस्तेमाल बहुत कम हो रहा है, लेकिन इन्श्योरेंस सर्विस और पार्किंग पर नियमित खर्च हो रहा है तो उसे बेचने का फैसला सही हो सकता है.
बेचने से पहले पूरी स्थिति का आकलन करें
कार बेचने का फैसला सिर्फ उसकी उम्र देखकर नहीं करना चाहिए. रिपेयर खर्च, माइलेज, सेफ्टी फीचर्स, मौजूदा कंडीशन, आपकी जरूरत और बाजार में मिलने वाली कीमत को एक साथ देखें. अग कार पर आने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है और उसकी रीसेल वैल्यू अभी अच्छी है तो यही उसे बेचने का सही समय हो सकता है.
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