Car Dashboard Warning Lights: कार के डैशबोर्ड पर दिखने वाली वार्निंग लाइट्स का क्या मतलब होता है?

क्या आपने ध्यान दिया है कि कार के डैशबोर्ड पर कई बार अलग-अलग तरह के साइन दिखाई देते हैं. इसमें से कुछ वॉर्निंग साइन होते है तो कुछ जानकारी के लिए होते हैं. आइए जानते हैं इनके पीछे का मतलब.

car dashboard warning lights sign

कार की इन 4 लाल लाइट्स का मतलब जान लें. (Image Credit-AI)

कार चलाते टाइम ज्यादातर लोगों की नजर रोड और ट्रैफिक पर रहती है, लेकिन डैशबोर्ड पर जलने वाली छोटी-सी लाइट भी बहुत बड़ा संकेत होती है. कार में अलग-अलग सिस्टम की जानकारी देने केलिए कई तरह की वार्निंग लाइट्स दी जाती हैं. इनमें कुछ लाइट्स सिर्फ जानकारी के लिए होत है, जबकि कुछ गंभीर खराबी का साइन होती हैं. खासकर जब कोई लाल चेतावनी लाइट जलने या ब्लिंक करने लगे तो उसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. ऐसी स्थिति में कार चलाते रहने से इंजन या दूसरे जरूरी सिस्टम को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए हर ड्राइवर को इन संकेतों को समझना जरूरी है. 

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इंजन से जुड़ी लाल चेतावनी को समझें

अगर डैशबोर्ड पर इंजन या इंजन से जुड़ी इंजन के आकार की लाल लाइट वार्निग दिखाई द तो इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए. इंजन से जुड़ी कोई गंभीर समस्या होने पर ये चेतावनी सामन आ सकती है. जैसे इंजन में ऑयल प्रेशर कम होना, या ठीक तरह से तेल का इंजन के हिस्सों पर न पहुंचना. ऐसे में इस तरह की चेतावनी मिलने के बाद भी गाड़ी चलाते रहन नुकसानदायक हो सकता है. इससे इंजन के पुर्जों को नुकसान पहुंचता है साथ ही इंजन जाम होने जैसी बड़ी समस्या आ सकती है. ऐसे में सिर्फ ये सोचकर आगे बढ़ना कि कार अभी चल रही है ये सही नहीं होगा. ऐसा करने से फ्यूचर में मरम्मत का खर्च भी बढ़ सकता है.

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तापमान बढ़ने पर भी खतरे की घंटी

डैशबोर्ड पर थर्मामीटर जैसी चेतावनी लाइट या टेंपरेचर गेज का लाल निशान दिखाई दे रहा है तो इसका मतलब है कि इंजन जरूरत से ज्यादा गर्म हो रहा है. ऐसा अक्सर रेडिएटर में कूलेंट कम होने या कूलिंग सिस्टम में खराब के कारण हो सकता है. इस स्थिति में कार चलाते रहना इंजन के लिए नुकसानदायक हो सकता है और गंभीर मामलों में आग लगने का खतरा भी बढ़ सकता है.

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इंजन ज्यादा गर्म होतो क्या करें?

डैशबोर्ड पर हैवी टेंपरेचर की चेतावनी दिखाई देने पर कार को किसी सेफ जगह रोककर इंजन बंद कर दें. इसे ठंडा होने के लिए पर्याप्त समय दें और इसके ठंडा होने के बाद ही गाड़ी को दोबारा स्टार्ट कर आगे बढ़ें. लेकिन अगर ऐसी समस्या बार-बार आ रही है तो इसे मैकेनिक को दिखाना चाहिए.

ब्रेक की लाल लाइट को न करें इग्नोर

डैशबोर्ड पर ब्रेक वॉर्निग लाइट का जलना भी एक सीरियस संकेत हो सकता है. इसका कारण ब्रेक फ्लूइड का कम होना या ब्रेक सिस्टम में खराबी हो सकती है. ऐसी स्थिति में कार चलाना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि ब्रेक की क्षमता प्रभावित होने पर खतरा रहता है. खासकर ज्यादा स्पीड होने पर ये खतरनाक हो सकता है.

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बैटरी लाइट भी देती है जरूरी संकेत

डैशबोर्ड पर बैटरी के आकार वाला साइन दिखाई देना का मतलब है कि कार के चार्जिंग सिस्टम में समस्या है या समस्या हो सकती है. ऐसी खराबी के कारण के कारण बैटरी चार्ज नहीं हो पाएगी और कार रास्ते में बंद भी पड़ सकती है.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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