Scooty AC Viral Video: भीषण गर्मी में लोग राहत पाने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं, लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक देसी जुगाड़ लोगों को हैरान भी कर रहा है और हंसा भी रहा है. एक युवक ने अपनी स्कूटी को ही चलता-फिरता ‘देसी AC’ बना दिया. खास बात यह है कि इस अनोखे सेटअप को तैयार करने में सिर्फ 1500 से 1600 रुपये का खर्च आया. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारतीय जुगाड़ तकनीक का शानदार उदाहरण बता रहे हैं.

AC वाली स्कूटी

इंस्टाग्राम अकाउंट foodiehindustani24 पर शेयर किए गए इस वीडियो को हजारों लोग देख चुके हैं. वीडियो में एक युवक स्कूटी पर बैठा नजर आता है और मजाकिया अंदाज में कहता है कि “भाई साहब, ये कौन सा जुगाड़ कर दिया आपने? हमने स्कूटी का AC बना दिया है.” इसके बाद वह अपने पूरे सेटअप का डेमो भी दिखाता है.

---विज्ञापन---

कैसे काम करता है यह देसी जुगाड़?

वीडियो में दिखाई देता है कि स्कूटी पर पानी की एक बोतल फिट की गई है. इसके साथ एक छोटा इलेक्ट्रिक मोटर, पाइप और नोजल जोड़ा गया है. जैसे ही स्कूटी चालू होती है, मोटर पानी को पाइप के जरिए नोजल तक पहुंचाता है और वहां से हल्की-हल्की फुहार निकलती है.

---विज्ञापन---

चलती हवा के साथ यह पानी मिलकर ठंडक का एहसास देता है. युवक का दावा है कि इससे “एकदम ठंडी-ठंडी हवा” मिलती है और तेज गर्मी में भी काफी राहत महसूस होती है. वीडियो में वह स्कूटी चलाते हुए काफी आरामदायक नजर आ रहा है.

---विज्ञापन---

सिर्फ 1500 रुपये में तैयार हुआ सेटअप

वीडियो के मुताबिक इस पूरे देसी AC सिस्टम को बनाने में करीब 1500 से 1600 रुपये का खर्च आया. इसमें पानी की बोतल, छोटा मोटर, नोजल और बेसिक वायरिंग जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है. कई लोग इसे पारंपरिक AC और कूलर का सस्ता और पोर्टेबल विकल्प बता रहे हैं. खासकर उन लोगों को यह आइडिया काफी दिलचस्प लग रहा है जो रोजाना बाइक या स्कूटी से लंबी दूरी तय करते हैं.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें- CNG-LNG और हाइड्रोजन फ्यूल वालों के लिए बड़ा अपडेट! सरकार ने लागू किया नया नियम, जानें इससे फायदा या नुकसान

---विज्ञापन---

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

जानकारों के अनुसार यह जुगाड़ Evaporative Cooling यानी वाष्पीकरण के प्रिंसिपल पर काम करता है. जब हवा के साथ पानी की छोटी बूंदें मिलती हैं तो आसपास का तापमान कम महसूस होता है और शरीर को ठंडक मिलती है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह तरीका सूखे और ज्यादा गर्म इलाकों में बेहतर काम करता है. हालांकि जहां हवा में नमी ज्यादा होती है, वहां इसका असर कम हो सकता है.

इस जुगाड़ में क्या हो सकते हैं खतरे?

हालांकि यह आइडिया लोगों को काफी क्रिएटिव लग रहा है, लेकिन विशेषज्ञों ने कुछ सावधानियां भी बताई हैं. बार-बार पानी भरने की जरूरत पड़ सकती है और अगर वायरिंग सही तरीके से न की जाए तो स्कूटी के इलेक्ट्रिकल पार्ट्स खराब होने का खतरा भी हो सकता है. इसके अलावा पानी के कारण शॉर्ट सर्किट जैसी समस्या भी हो सकती है. इसलिए ऐसे किसी भी जुगाड़ को इस्तेमाल करने से पहले सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है.

इस साल देश के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. तेज गर्मी और लू से बचने के लिए लोग अलग-अलग तरह के जुगाड़ और उपाय अपना रहे हैं.

ये भी पढ़ें- आखिर काले ही क्यों होते हैं गाड़ियों के टायर? रोज चलाने पर भी नहीं जानते होंगे वजह