CNG-LNG और हाइड्रोजन फ्यूल वालों के लिए बड़ा अपडेट! सरकार ने लागू किया नया नियम, जानें इससे फायदा या नुकसान

अब पेट्रोल-डीजल ही नहीं, CNG, LNG और हाइड्रोजन फ्यूल पर भी सरकार ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं. सरकार का दावा है कि इससे धोखाधड़ी रुकेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी, लेकिन क्या इसका असर आम लोगों की जेब पर भी पड़ेगा?

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भारत में क्लीन एनर्जी और ग्रीन फ्यूल को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. अब पेट्रोल-डीजल के साथ CNG, LNG और हाइड्रोजन फ्यूल डिस्पेंसर की भी सख्ती से जांच और सत्यापन किया जाएगा. 24 मई 2026 को उपभोक्ता मामले विभाग ने लीगल मेट्रोलॉजी रूल्स में बदलाव कर GATC का दायरा बढ़ा दिया है. नई व्यवस्था के तहत देशभर में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक फ्यूल डिस्पेंसर सरकारी मानकों के अनुसार जांचे जाएंगे. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ग्राहकों को सही मात्रा में ईंधन मिले और किसी तरह की गड़बड़ी या धोखाधड़ी न हो.

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तेजी से बढ़ रहा है क्लीन फ्यूल का इस्तेमाल

तेजी से बढ़ रहा है क्लीन फ्यूल का इस्तेमाल2 / 8

सरकार का यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत तेजी से ग्रीन फ्यूल की ओर बढ़ रहा है. पिछले कुछ वर्षों में CNG और LNG वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है. वहीं, हाइड्रोजन फ्यूल टेक्नोलॉजी को भविष्य का बड़ा विकल्प माना जा रहा है.

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GATC के दायरे में जुड़े 5 नए डिस्पेंसर

GATC के दायरे में जुड़े 5 नए डिस्पेंसर3 / 8

अब GATC केवल वजन और माप वाले उपकरणों तक सीमित नहीं रहेगा. नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल, डीजल, CNG, LPG, LNG और हाइड्रोजन डिस्पेंसर की भी जांच की जाएगी. पहले यह नियम 18 तरह के उपकरणों पर लागू था, लेकिन अब इसमें 5 नए फ्यूल डिस्पेंसर जोड़ दिए गए हैं. इससे कुल संख्या 23 हो गई है.

ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा

ग्राहकों को मिलेगा सीधा फायदा4 / 8

सरकार का कहना है कि इस कदम का सबसे बड़ा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा. अक्सर शिकायतें आती थीं कि पेट्रोल पंप या गैस स्टेशन पर कम मात्रा में फ्यूल दिया जाता है. अब नई जांच प्रणाली यह सुनिश्चित करेगी कि ग्राहक जितने पैसे दे, उसे उतना ही ईंधन मिले.नई व्यवस्था लागू होने से फ्यूल ट्रांजैक्शन में पारदर्शिता बढ़ेगी. इससे ईंधन माप में होने वाली गड़बड़ियों और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है.

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वेरिफिकेशन फीस भी हुई तय

वेरिफिकेशन फीस भी हुई तय5 / 8

सरकार ने फ्यूल डिस्पेंसर की जांच के लिए फीस भी निर्धारित कर दी है. पेट्रोल और डीजल डिस्पेंसर के लिए प्रति नोजल ₹5,000 शुल्क रखा गया है. वहीं CNG, LPG, LNG और हाइड्रोजन डिस्पेंसर के लिए ₹10,000 प्रति नोजल फीस तय की गई है. ये भी देखें- पेट्रोल छोड़ो, EV पकड़ो! सिर्फ ₹44,990 में घर लाएं Hero का धांसू इलेक्ट्रिक स्कूटर, सिंगल चार्ज में 100KM तक की रेंज

प्राइवेट लैब और इंडस्ट्री भी होंगे शामिल

प्राइवेट लैब और इंडस्ट्री भी होंगे शामिल6 / 8

नई व्यवस्था में प्राइवेट लैब और इंडस्ट्री को भी इस प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे तकनीकी विशेषज्ञता का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा और जांच प्रक्रिया ज्यादा प्रभावी बनेगी.

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राज्यों को भी मिली नई ताकत

राज्यों को भी मिली नई ताकत7 / 8

राज्य सरकारों को अब यह अधिकार दिया गया है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त उपकरणों और माप प्रणालियों को GATC के तहत शामिल कर सकें. इससे स्थानीय स्तर पर निगरानी और जांच की प्रक्रिया और मजबूत होगी. ये भी पढ़ें- Half Helmet vs Full Helmet: हाफ या फुल फेस हेलमेट, सड़क पर कौन बचाएगा आपकी जान?

ग्रीन एनर्जी मिशन को मिलेगा बढ़ावा

ग्रीन एनर्जी मिशन को मिलेगा बढ़ावा8 / 8

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सालों में भारत का फ्यूल मार्केट तेजी से बदलने वाला है. पेट्रोल-डीजल के साथ CNG, LNG और हाइड्रोजन जैसे विकल्पों की मांग बढ़ेगी. ऐसे में सरकार का यह कदम उपभोक्ता सुरक्षा के साथ-साथ देश के ग्रीन एनर्जी मिशन को भी मजबूती देगा. (All Images AI Generated)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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