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Indigo Child: 'इंडिगो चाइल्ड' क्या है, क्यों देख लेते हैं ये भविष्य, जानें क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र

Indigo Child: ज्योतिष शास्त्र में कुछ बच्चे बेहद खास और रहस्यमयी माने जाते हैं. आधुनिक कान्सेप्ट में इन्हें ‘इंडिगो चाइल्ड’ कहा जाता है, जिन्हें भविष्य का आभास हो जाता है. आइए जानते हैं, ये ऐसा क्यों होते हैं?

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Indigo Child: यह आपने भी नोटिस किया होगा कि कुछ बच्चे विलक्षण होते हैं. ये बच्चे वाकई में खास होते हैं, जो बिना बताए किसी के मन की बात समझ लेते हैं. इन्हें अक्सर आने वाली घटना की भनक भी लग जाती है. ज्योतिष शास्त्र में इस प्रकार के बच्चों पर कुछ खास ग्रहों की कृपा मानी जाती है. आइए जानते हैं, ‘इंडिगो चाइल्ड’ क्या है और ये भविष्य क्यों देख लेते हैं?

‘इंडिगो चाइल्ड’ क्या है?

1970-80 के दशक में पैरासाइकोलॉजिस्ट नैन्सी एन टैपे ने अवधारणा दिया कि कुछ बच्चों के चारों ओर गहरे नीले रंग यानी इंडिगो कलर का एक ‘हैलो’ यानी आभामंडल होता है. इसे उन्होंने ‘इंडिगो चाइल्ड’ (Indigo Child) कहा, जिनका अंतर्ज्ञान अपने एक चरम पर होता है. वैदिक ज्योतिष और भारतीय साहित्य में भी ऐसी धारणा है, जिसे तीसरे नेत्र से जोड़ा जाता है.

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सक्रिय तीसरा नेत्र

आखिर ये बच्चे ऐसा क्यों होते हैं, ये ‘फ्यूचर’ कैसे देख लेते हैं. इसके बारे ज्योतिष विज्ञान बताता है कि इन आज्ञा चक्र, जिसे तीसरी आंख भी कहते हैं, जन्म से ही सक्रिय होता है. थोड़ा बहुत नहीं बल्कि बहुत ज्यादा. गहरा नीला इसी चक्र का प्रतीक है. मान्यता है कि यह चक्र आंतरिक और बाहरी दुनिया के बीच एक पुल बनाता है. इससे उनमें घटनाओं को पहले ही जान लेने की शक्ति देता है.

पुरानी आत्माएं

ज्योतिष शास्त्र में पुरानी आत्माओं और उनके संचित ज्ञान और कर्म को स्वीकार किया गया है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ये इंडिगो चाइल्ड वैसी पुरानी आत्माएं हैं, जिन्होंने धरती पर कई दफा जन्म लिया होता है. इनके पास पुराना और दिव्य संचित ज्ञान होता है, जिसे वे आने वाली घटना का अंदाजा लगा लेते हैं.

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राहु-केतु का असर

भारतीय ज्योतिष में इंडिगो चाइल्ड के लक्षण को राहु और केतु ग्रह की मजबूती से जुड़ा माना गया है, क्योंकि राहु एक छाया ग्रह हैं, जो रहस्य, लीक से हटकर और तीखा अंतर्ज्ञान देता है. कहते हैं, राहु बाहरी चालाकी देता है और केतु मोक्ष और गहरी आंतरिक सूझबूझ को बढ़ाता है.

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नीली आंखों का रहस्य

कहते हैं कि इंडिगो चाइल्ड की केवल आभा ही नहीं बल्कि आंखें भी अनोखी होती है. ये प्रायः नीले या हरे रंग की होती है, जिसमें सम्मोहन भरा होता है. ज्योतिष शास्त्र में नीली-हरी आंखों को बुध ग्रह से संबंधित माना गया है. अक्सर ऐसी आंख वाले लोग आकर्षक, तीक्ष्ण बुद्धि वाले कूटनीतिक और अवसरवादी होते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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