19 जुलाई को बड़ा नुकसान उठा सकती हैं ये 5 राशियां, रहें संभलकर

Daily Horoscope: 19 जुलाई के दिन कुछ राशि वालों को बेहद ही संभलकर चलना होगा। इन राशि वालों को कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इन राशि वालों का 19 जुलाई के दिन थोड़ा संभलकर रहना होगा और कुछ आसान से उपायों को करना होगा। आइए जानते हैं कि वे राशियां कौन सी हैं, जिनके लिए दिन कम अच्छा रहेगा?

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Daily Horoscope: 19 जुलाई 2025 को सावन माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दोपहर 2 बजकर 41 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि शुरू होगी। भरणी नक्षत्र पूरे दिन प्रभावी रहेगा और शूल योग दिनभर बना रहेगा। गर करण दोपहर 2:41 तक रहेगा, फिर वणिज करण लगेगा। यह दिन शनिवार है, जो शनि देव का दिन माना जाता है। ग्रहों की स्थिति की बात करें तो चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे। सूर्य और बुध कर्क राशि में मिलकर बुधादित्य योग बनाएंगे। शुक्र वृषभ राशि में, गुरु मिथुन राशि में, मंगल और केतु सिंह राशि में, राहु कुंभ राशि में, और शनि मीन राशि में रहेंगे। इन ग्रहों की चाल और योग के आधार पर, कुछ राशियों के लिए यह दिन बेकार हो सकता है।

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सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए विशेष माना जाता है, लेकिन इस दिन शूल योग और अष्टमी तिथि कुछ राशियों के लिए तनाव, बाधाएं, और मानसिक अशांति ला सकती है। चंद्रमा का मेष राशि में होना ऊर्जा और उत्साह देगा, लेकिन मंगल और केतु की युति सिंह राशि में आक्रामकता और जोखिम को बढ़ा सकती है। सूर्य और बुध का कर्क राशि में बुधादित्य योग बुद्धि और सफलता के लिए शुभ है, लेकिन शूल योग और शनि की मीन राशि में उपस्थिति कुछ राशियों के लिए बाधाएं पैदा कर सकती है। आइए जानते हैं कि 19 जुलाई 2025 का दिन किन राशियों के लिए खराब रह सकता है और दिन को शुभ बनाने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।

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वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए चंद्रमा बारहवें भाव में रहेगा, जो खर्चों में वृद्धि और मानसिक चिंता का कारण बन सकता है। सूर्य और बुध की युति तीसरे भाव में होगी, जिससे संचार में गलतफहमियां हो सकती हैं। शूल योग के कारण निर्णय लेने में भटकाव और कार्यों में देरी संभव है। मंगल और केतु की युति चौथे भाव में होने से पारिवारिक तनाव या माता की सेहत से जुड़ी चिंता हो सकती है। स्वास्थ्य में भी सिरदर्द या थकान की शिकायत रह सकती है।

उपाय: शनि मंदिर में काले तिल का दान करें। ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। लाल रंग की वस्तु पास रखें और गाय को हरी घास खिलाएं।

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कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए चंद्रमा दशम भाव में रहेगा, जो कार्यक्षेत्र में चुनौतियां ला सकता है। सूर्य और बुध की युति लग्न भाव में होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन शूल योग के कारण निर्णय लेने में जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है। मंगल और केतु की युति दूसरे भाव में होने से वाणी में कटुता और धन हानि की आशंका है। शनि की मीन राशि में उपस्थिति अष्टम भाव में होने से स्वास्थ्य और मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है।

उपाय: शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें। काले और नीले रंग से बचें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।

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कन्या राशि

कन्या राशि के लिए चंद्रमा आठवें भाव में रहेगा, जो मानसिक अशांति और अज्ञात भय का कारण बन सकता है। सूर्य और बुध की युति ग्यारहवें भाव में लाभ दे सकती है, लेकिन शूल योग और शनि की सातवें भाव में उपस्थिति वैवाहिक जीवन या साझेदारी में तनाव ला सकती है। मंगल और केतु की युति बारहवें भाव में होने से खर्चों में वृद्धि और स्वास्थ्य में कमजोरी जैसे पेट या जोड़ों का दर्द हो सकता है।

उपाय: गणेश जी की पूजा करें और ‘ॐ गं गणपतये नमः’ मंत्र का 108 बार जाप करें। बुधवार को हरी मूंग का दान करें और सफेद कपड़े पहनें।

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तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए चंद्रमा सातवें भाव में रहेगा, जो मैरिज लाइफ या बिजनेस पार्टनरशिप में गलतफहमियां पैदा कर सकता है। सूर्य और बुध की युति दसवें भाव में होगी, जिससे कार्यक्षेत्र में मेहनत अधिक करनी पड़ेगी, लेकिन शूल योग के कारण परिणाम में देरी हो सकती है। मंगल और केतु की युति ग्यारहवें भाव में होने से आय के स्रोतों में रुकावट और दोस्तों के साथ तनाव संभव है।

उपाय: शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें और ‘ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें। सफेद चंदन का तिलक लगाएं और गाय को गुड़ खिलाएं।

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मीन राशि

मीन राशि के लिए चंद्रमा दूसरे भाव में रहेगा, जिससे वाणी में कटुता और धन हानि की आशंका है। शनि की उपस्थिति लग्न भाव में होने से स्वास्थ्य और आत्मविश्वास पर असर पड़ सकता है। सूर्य और बुध की युति पंचम भाव में होने से लव रिलेशनशिप्स या संतान से जुड़े मामलों में तनाव हो सकता है। मंगल और केतु की युति छठे भाव में शत्रुओं पर विजय देगी, लेकिन स्वास्थ्य में सावधानी जरूरी है।

उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। पीले वस्त्र पहनें और केले का दान करें।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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