Surya Gochar: ज्योतिष मान्यता के अनुसार, सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही 'खरमास' शुरू होता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार सूर्य 15 मार्च को मीन राशि में गोचर करेंगे, तब इस साल का दूसरा खरमास आरंभ होगा. हिन्दू धर्म में खरमास को अशुभ माना जाता है क्योंकि यह व्रत, पूजा और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल नहीं होता है. इसके साथ ही, इस दौरान ग्रहों की स्थिति शांत मानी जाती है, जिससे कार्यों में बाधा आ सकती है. इसलिए धार्मिक ग्रंथ और ज्योतिषाचार्य इस समय बड़े काम टालने की सलाह देते हैं. ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि 'मीन खरमास' का अंत तब होगा, जब सूर्य मेष राशि में जाएंगे. इस दौरान 3 राशियों को बेहद संभलकर रहना होगा.

मेष राशि

इस समय आपके जीवन में थोड़ी अस्थिरता बनी रह सकती है. व्यापार या नौकरी में अचानक चुनौतियाँ आ सकती हैं. वाणी में संयम रखना बहुत जरूरी है, क्योंकि छोटे-मोटे विवाद बड़े झगड़ों में बदल सकते हैं. स्वास्थ्य पर ध्यान दें, खासकर आंख और पेट से जुड़ी परेशानियाँ हो सकती हैं. रिश्तों में गलतफहमियाँ बढ़ सकती हैं, इसलिए गुस्से में कोई फैसला न लें. इस समय मानसिक शांति के लिए ध्यान और योग का अभ्यास लाभकारी रहेगा.

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वृश्चिक राशि

इस दौरान आर्थिक फैसले संभलकर लेने होंगे. निवेश या बड़े खर्च में नुकसान की संभावना है. घर और परिवार में तनाव बढ़ सकता है. पुराने मित्रों या करीबी लोगों से मन-मुटाव हो सकता है. यात्रा पर जाते समय सावधानी बरतें. स्वास्थ्य में कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है. जरूरी कामों में देरी और बाधाएँ आ सकती हैं. सकारात्मक सोच बनाए रखें और जरूरी कार्यों को छोटे हिस्सों में विभाजित कर करें.

कुम्भ राशि

इस खरमास के दौरान आपके मन में अनिश्चितता और चिंता बढ़ सकती है. करियर या पढ़ाई में प्रयास के बावजूद परिणाम अपेक्षित अनुसार नहीं मिल सकते. संपत्ति और पैसे के मामलों में सतर्क रहें. जीवनसाथी या परिवार में संवाद की कमी तनाव बढ़ा सकती है. अचानक बदलाव और अप्रत्याशित स्थितियाँ झेलनी पड़ सकती हैं, इसलिए योजनाओं में लचीलापन रखें. सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए हल्की फुल्की सामाजिक गतिविधियों में शामिल होना लाभकारी होगा.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.