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हिंदी न्यूज़ / ज्योतिष / पूजा के समय करें कुबेर चालीसा का पाठ, आर्थिक तंगी से मिलेगी निजात

पूजा के समय करें कुबेर चालीसा का पाठ, आर्थिक तंगी से मिलेगी निजात

Shri Kuber Chalisa in Hindi: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार के दिन भगवान कुबेर को समर्पित है। ऐसे जो जातक शुक्रवार के दिन पूजा करते समय कुबेर चालीसा का पाठ करते हैं उन्हें कुबेर देव की कृपा प्राप्त होती है। तो आइए कुबेर चालीसा का पाठ जानते हैं।

Kuber Chalisa
Edited By: Raghvendra Tiwari | Updated: Dec 8, 2023 09:42
Shri Kuber Chalisa in Hindi: हिंदू धर्म में सप्ताह के प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी देवता को समर्पित होता है। ऐसे ही शुक्रवार के दिन धन के देवता कुबेर महाराज को समर्पित है। शुक्रवार के दिन कुबेर देव की विशेष तरह से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुबेर महाराज को धन का देवता कहा जाता है। ऐसे में जो जातक विधि-विधान से कुबेर देव की पूजा करते हैं, उन्हें धन की समस्या नहीं होती है। साथ ही जातक के जीवन में सभी प्रकार के सुख की प्राप्ति होती है। लेकिन इसके लिए शास्त्र में बताया गया है कि कुबेर देव की पूजा करते समय कुबेर चालीसा का पाठ करना बेहद जरूरी होता है। तो आइए इस खबर में जानते हैं कुबेर चालीसा का पाठ के बारे में। यह भी पढ़ें- मां लक्ष्मी 3 राशियों पर रहेंगी मेहरबान, छोटा सा उपाय दिलाएगा धन लाभ

कुबेर चालीसा

दोहा

जैसे अटल हिमालय और जैसे अडिग सुमेर । ऐसे ही स्वर्ग द्वार पै, अविचल खड़े कुबेर ॥ विघ्न हरण मंगल करण, सुनो शरणागत की टेर । भक्त हेतु वितरण करो, धन माया के ढेर ॥

चौपाई

जै जै जै श्री कुबेर भण्डारी । धन माया के तुम अधिकारी ॥ तप तेज पुंज निर्भय भय हारी । पवन वेग सम सम तनु बलधारी ॥ स्वर्ग द्वार की करें पहरेदारी । सेवक इंद्र देव के आज्ञाकारी ॥ यक्ष यक्षिणी की है सेना भारी । सेनापति बने युद्ध में धनुर्धारी ॥ महा योद्धा बन शस्त्र धारैं । युद्ध करैं शत्रु को मारैं ॥ सदा विजयी कभी ना हारैं । भगत जनों के संकट टारैं ॥ प्रपितामह हैं स्वयं विधाता । पुलिस्ता वंश के जन्म विख्याता ॥ विश्रवा पिता इडविडा जी माता । विभीषण भगत आपके भ्राता ॥ शिव चरणों में जब ध्यान लगाया । घोर तपस्या करी तन को सुखाया ॥ शिव वरदान मिले देवत्य पाया । अमृत पान करी अमर हुई काया ॥ धर्म ध्वजा सदा लिए हाथ में । देवी देवता सब फिरैं साथ में । पीताम्बर वस्त्र पहने गात में ॥ बल शक्ति पूरी यक्ष जात में ॥ यह भी पढ़ें-  2 जनवरी से बदल जाएगी 3 राशियों की किस्मत, ग्रहों के राजकुमार बुध कराएंगे धन लाभ स्वर्ण सिंहासन आप विराजैं । त्रिशूल गदा हाथ में साजैं ॥ शंख मृदंग नगाड़ा बाजैं । गंधर्व राग मधुर स्वर गाजैं ॥ चौंसठ योगिनि मंगल गावैं । ऋद्धि सिद्धि नित भोग लगावैं ॥ दास दासनी सिर छत्र फिरावैं । यक्ष यक्षिणी मिल चंवर ढूलावैं ॥ ऋषियों में जैसे परशुराम बली हैं । देवन्ह में जैसे हनुमान बली हैं ॥ पुरुषों में जैसे भीम बली हैं । यक्षों में ऐसे ही कुबेर बली हैं ॥ भगतों में जैसे प्रहलाद बड़े हैं । पक्षियों में जैसे गरुड़ बड़े हैं ॥ नागों में जैसे शेष बड़े हैं । वैसे ही भगत कुबेर बड़े हैं ॥ कांधे धनुष हाथ में भाला । गले फूलों की पहनी माला ॥ स्वर्ण मुकुट अरु देह विशाला । दूर दूर तक होए उजाला ॥ यह भी पढ़ें- विवाह के समय क्यों मिलाया जाता है कुंडली, जानें ज्योतिष कारण कुबेर देव को जो मन में धरे । सदा विजय हो कभी न हारे ।। बिगड़े काम बन जाए सारे । अन्न धन के रहें भरे भण्डारे ॥ कुबेर गरीब को आप उभारैं । कुबेर कर्ज को शीघ्र उतारैं ॥ कुबेर भगत के संकट टारैं । कुबेर शत्रु को क्षण में मारैं ॥ शीघ्र धनी जो होना चाहे । क्यों नहीं यक्ष कुबेर मनाएं ॥ यह पाठ जो पढ़े पढ़ाएं । दिन दुगना व्यापार बढ़ाएं ॥ भूत प्रेत को कुबेर भगावैं । अड़े काम को कुबेर बनावैं ॥ रोग शोक को कुबेर नशावैं । कलंक कोढ़ को कुबेर हटावैं ॥ कुबेर चढ़े को और चढ़ादे । कुबेर गिरे को पुन: उठा दे ॥ यह भी पढ़ें- 28 दिसंबर को शुक्र कर रहे हैं अनुराधा नक्षत्र में प्रवेश, 2024 में राजा जैसा जीवन बिताएंगे 3 राशि के लोग कुबेर भाग्य को तुरंत जगा दे । कुबेर भूले को राह बता दे ॥ प्यासे की प्यास कुबेर बुझा दे । भूखे की भूख कुबेर मिटा दे ॥ रोगी का रोग कुबेर घटा दे । दुखिया का दुख कुबेर छुटा दे ॥ बांझ की गोद कुबेर भरा दे । कारोबार को कुबेर बढ़ा दे ॥ कारागार से कुबेर छुड़ा दे । चोर ठगों से कुबेर बचा दे ॥ यह भी पढ़ें- मकर संक्रांति पर काले या सफेद किस रंग के तिल का दान करना होता है शुभ, जानें यहां कोर्ट केस में कुबेर जितावै । जो कुबेर को मन में ध्यावै ॥ चुनाव में जीत कुबेर करावैं । मंत्री पद पर कुबेर बिठावैं ॥ पाठ करे जो नित मन लाई । उसकी कला हो सदा सवाई ॥ जिसपे प्रसन्न कुबेर की माई । उसका जीवन चले सुखदाई ॥ जो कुबेर का पाठ करावै । उसका बेड़ा पार लगावै ॥ उजड़े घर को पुन: बसावै । शत्रु को भी मित्र बनावै ॥ सहस्त्र पुस्तक जो दान कराई । सब सुख भोद पदार्थ पाई । प्राण त्याग कर स्वर्ग में जाई । मानस परिवार कुबेर कीर्ति गाई ॥

॥ दोहा ॥

शिव भक्तों में अग्रणी,श्री यक्षराज कुबेर । हृदय में ज्ञान प्रकाश भर,कर दो दूर अंधेर ॥ कर दो दूर अंधेर अब,जरा करो ना देर । शरण पड़ा हूं आपकी,दया की दृष्टि फेर । यह भी पढ़ें- उत्पन्ना एकादशी के दिन करें शंख के चमत्कारी उपाय, आर्थिक तंगी से मिलेगी मुक्ति डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें। 


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