ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह सौंदर्य, प्रेम, भौतिक सुख-सुविधाओं, कला, संगीत, वैभव और आकर्षण के कारक और स्वामी ग्रह माने गए हैं। शुक्र तुला और वृषभ राशि के स्वामी हैं। जिनकी कुंडली में शुक्र मजबूत स्थिति में होते हैं, वे अक्सर जीवन में रचनात्मकता, शैली और संबंधों में सामंजस्य की ओर प्रवृत्त रहते हैं। लेकिन जब शुक्र प्रतिकूल होते हैं, तो जीवन मुश्किलों और समस्याओं में घिर जाता है। धन, सेहत, रिश्ते से जुड़े मामले बिगड़ने लगते हैं।
शनि के नक्षत्र में शुक्र गोचर का राशियों पर असर
शनिवार 26 अप्रैल, 2025 को 12:02 AM बजे से शुक्र ग्रह पूर्वाभाद्रपद से निकलकर उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे। उत्तराभाद्रपद नक्षत्र, 27 नक्षत्रों में से 26वां नक्षत्र है. यह मीन राशि के अंतर्गत आता है. इस नक्षत्र के स्वामी शनि हैं और राशि स्वामी गुरु हैं। शनि के नक्षत्र में शुक्र गोचर का असर यूं तो अधिकांश राशियों पर काफी सकारात्मक असर होगा, लेकिन 5 राशियों को इसका मिश्रित परिणाम मिलने के योग हैं। आइए जानते हैं, ये राशियां कौन-सी हैं?
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर अनुकूल नहीं हैं। इस गोचर के दौरान खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी नुकसान पहुंचा सकती है। रिश्तों में टकराव, खासकर प्रेम संबंधों में गलतफहमियों की वजह से दूरी आ सकती है। जो लोग शादी की योजना बना रहे हैं, उन्हें कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है। आपको खर्चों का लेखा-जोखा रखना चाहिए। इसके साथ ही वाणी पर भी संयम रखें।
कर्क राशि
शनि के नक्षत्र में शुक्र गोचर से कर्क राशि के लोगों की पुरानी बीमारियां फिर से उभर सकती हैं, विशेषकर डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। पारिवारिक मामलों में मतभेद और तनाव बढ़ सकते हैं, विशेषकर माता-पिता या जीवनसाथी के साथ। मानसिक तनाव और नींद की कमी महसूस हो सकती है। योग-प्राणायाम करें, परिवार के साथ खुलकर संवाद करें।
तुला राशि
शुक्र तुला राशि के स्वामी हैं, लेकिन शनि के नक्षत्र में होने से ये स्थिति कमजोर पड़ सकती है। यह आपके करियर में रुकावटें और आत्म-संदेह को बढ़ाएगा। करियर में टकराव बढ़ सकता है। बॉस या सहकर्मियों से मतभेद हो सकते हैं। आत्मविश्वास की कमी और निर्णय लेने में झिझक बनी रह सकती है। अपने शांत मन से सोचें, मसलों का आत्ममंथन करें, इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह गोचर काफी प्रातकूल सिद्ध हो सकता है। जो लोग विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा की योजना बना रहे हैं, उन्हें निराशा हाथ लग सकती है। आध्यात्मिक या धार्मिक गतिविधियों से जुड़ी योजना बाधित हो सकती है। मन में बेचैनी और भ्रम की स्थिति बनी रह सकती है। सावधानी: यात्रा योजनाओं को स्थगित करें, घर और अपने शहर में काम की योजना बनाएं।
कुंभ राशि
यह समय संबंधों में अविश्वास और आत्मिक असंतुलन को दूर करने का है। यह गोचर आपके लिए विशेष रूप से संवेदनशील रहेगा क्योंकि शनि और शुक्र दोनों आपके स्वामी ग्रहों में से हैं। मित्रों, पार्टनर या किसी करीबी से विश्वासघात या दूरी का अनुभव हो सकता है। मनोवैज्ञानिक रूप से अवसाद, अकेलापन या दिशाहीनता की स्थिति हो सकती है। मानसिक स्थिरता बनाए रखें, भावनाओं को समय दें।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।