Sunil Sharma
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Sankashti Chaturthi 2022: हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। ज्योतिष में चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित की गई है। अतः पूरे वर्ष में आने वाली अलग-अलग चतुर्थियों को गणपति के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।
संकष्टी चतुर्थी को भक्त श्रीगणेश के महागणपति स्वरूप की आराधना कर उन्हें प्रसन्न करते हैं। यहां पर इस चतुर्थी व्रत (Sankashti Chaturthi Vrat) की तिथी, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है जो आपके लिए उपयोगी सिद्ध होगी।
ज्योतिषियों के अनुसार संकष्टी चतुर्थी की शुरूआत 11 नवंबर 2022 (शुक्रवार) को रात्रि 8.17 बजे होगी और समापन 12 नवंबर 2022 (शनिवार) की रात्रि 10.25 बजे होगा।
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शनिवार का पूरा दिन ही पूजा के लिए शुभ माना गया है परन्तु इस दिन अभिजित मुहूर्त में की गई पूजा का फल कई गुणा अधिक हो जाता है, अतः इस दिन यथासंभव शुभ मुहूर्त में ही पूजा करें।
इस दिन गणेशजी के महागणपति स्वरूप की पूजा की जाती है। अतः सुबह जल्दी ही उठ कर स्नान-ध्यान आदि से निवृत्त होकर साफ, स्वच्छ धुले हुए कपड़े पहने और घर के मंदिर में अथवा निकट के किसी मंदिर में जाकर गणेश जी की पूजा करें। पूजा करने के लिए गजानन को पुष्प, माला, दूर्वा, चंदन तिलक आदि अर्पित करें और आरती उतार कर उनके प्रिय मोदकों का भोग लगाएं। तत्पश्चात् उनके महामंत्र ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा’ का 1008 बार जप करें। पूजा के अंत में जाने-अनजाने में हुई किसी भी गलती के लिए उनसे क्षमा प्रार्थना करें।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष के ज्ञान पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। news24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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