16 दिसंबर को है Rukmini Ashtami, इस एक उपाय से पूरी होगी हर इच्छा
Edited By Sunil Sharma

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Rukmini Ashtami Vrat and Puja Vidhi: पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को रुक्मिणी अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां लक्ष्मी ने रुक्मिणी के रूप में द्वापर युग में जन्म लिया था। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से विवाह किया था। इस बार रुक्मिणी अष्टमी का पर्व शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) को आ रहा है, जिसके कारण यह और भी अधिक महत्वपूर्ण बन गया है।
भगवान कृष्ण की आठ रानियां मानी जाती हैं, इनमें देवी रुक्मिणी को पटरानी कहा गया है। उन्होंने अपने परिवार के विरुद्ध जाकर कृष्ण से विवाह किया था। आचार्य अनुपम जौली के अनुसार इस बार रुक्मिणी अष्टमी शुक्रवार को आ रही है। ऐसे में यदि कुछ आसान से उपाय कर लिए जाएं तो व्यक्ति का जीवन जीते जी स्वर्ण बन जाएगा।
इस बार रुक्मिणी अष्टमी के पर्व पर सर्वार्थसिद्धि योग और लक्ष्मीनारायण योग बन रहे हैं। इन योगों में यदि भगवान श्रीहरि सहित रुक्मिणी की युगल रूप में पूजा करनी चाहिए। इससे निश्चित रूप से व्यक्ति के जीवन का कल्याण होता है।
शास्त्रों में इस दिन व्रत करने का विधान बताया गया है। इस व्रत में नमक को पूर्णतया निषेध किया गया है। इस दिन केवल फलाहार व मीठा भोजन ही लेना चाहिए। व्रत के दिन ही किसी छोटी कन्या को घर बुलाकर घर का बना सात्विक भोजन कराएं। भोजन के बाद यथासंभव दक्षिणा, वस्त्र आदि देकर पैर छुएं और आशीर्वाद लेकर विदा करें। इस व्रत को करने से घर में कभी गरीबी नहीं आती है।
शुक्रवार को रुक्मिणी अष्टमी आने के कारण आप शुक्रवार के उपाय भी कर सकते हैं। विशेष पर्व होने के कारण इन उपायों को आपको अधिक लाभ मिलेगा। जानिए कुछ उपायों (Shukrawar Ke Upay) के बारे में
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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