Ram Katha Interesting Facts: क्या आप जानते हैं श्रीराम की बड़ी बहन का नाम? पढ़ें रोचक किस्से

Ram Katha Interesting Facts: अयोध्या में राम मंदिर का उद्घाटन होने वाला है। इसी संबंध में आज हम आपको श्रीराम से जुड़े रोचक किस्सों के बारे में बताने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।

RAM KATHA

राम कथा

Ram Katha Name of Elder Sister of Lord Shri Ram: राम सिया राम… जय श्रीराम! अयोध्या नगरी में श्रीराम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की तैयारी जोरों-शोरों पर हो रही है। मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 दिन सोमवार को होगा। पूरे भारत में श्रीराम मंदिर के उद्घाटन को लेकर खुशियों का माहौल बना हुआ है। हम यहां प्रतिदिन रामचरित मानस के कुछ ऐसे रोचक किस्सों के बारे में बताने वाले हैं, जिसे शायद ही किसी ने सुना होगा। आज इस खबर में भगवान श्रीराम की बड़ी बहन के बारे में जिक्र करने वाले हैं।

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आप सभी ने भगवान श्रीराम और उनके भाइयों के बारे में तो जानते हैं, लेकिन क्या आप रामजी की बड़ी बहन के बारे में जानते हैं। राम जी की बड़ी बहन के बारे में हर जगह जिक्र नहीं किया गया है, इसलिए हर कोई उनके बारे में नहीं जानते हैं। लेकिन हम आज राम जी की बड़ी बहन के बारे में विस्तार से जानेंगे, जैसे उनका नाम, उनका विवाह आदि के बारे में।

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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीराम जी की एक बहन भी थीं जो चारों भाइयों में सबसे बड़ी थीं। राम जी की बड़ी बहन का नाम शांता था। इनका जिक्र न के बराबर ही होता है। शांता राजा दशरथ और रानी कौशल्या की सबसे बड़ी बेटी थीं। मान्यता है कि कुछ स्थानों पर देवी शांता की पूजा भी की जाती है।

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कैसे हुआ देवी शांता का जन्म

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, शांता सभी क्षेत्रों में सर्वगुण संपन्न थीं। कहा जाता है कि राजा दशरथ अपने घनिष्ठ मित्र अंगदेश के राजा रोमपद को देवी शांता को गोद दे दिया था। कहा जाता है कि एक बार राजा रोमपद अपनी पत्नी वर्षिणी के साथ राजा दशरथ और देवी कौशल्या से मिलने आए थे। तब उस समय वर्षिणी देवी ने कौशल्या से शांता को गोद लेने की इच्छा जाहिर की। तब उस समय रानी कौशल्या ने अंगदेश की रानी वर्षिणी को अपनी बेटी शांता को सौंप दिया।

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कौन थी रानी वर्षिणी

पौराणिक कथाओं के अनुसार, अंगदेश की रानी वर्षिणी रानी कौशल्या की बहन और श्रीराम और शांता की मौसी थीं। रानी वर्षिणी ने अपनी बहन कौशल्या के सामने देवी शांता को गोद लेने की इच्छा जताई थीं। तब उसी समय रानी कौशल्या ने अपनी बहन वर्षिणी को शांता को सौंप दी थीं। आगे चलकर देवी शांता अंगदेश की राजकुमारी बन गयीं।

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देवी शांता सभी कार्यों में थीं सर्वगुण संपन्न

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माना जाता है कि देवी शांता कला, वेद और शिल्प कला में निपुण थीं। देवी शांता दिखने में बहुत ज्यादा सुंदर थीं।

देवी शांता का विवाह किससे हुआ था

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पौराणिक कथाओं के अनुसार, देवी शांता का विवाह ऋषि श्रृंग से हुआ था। मान्यता है कि ऋषि श्रृंग के पूर्वज सेंगर राजपूत हैं। यह एक मात्र ऐसी ऋषि थे जो राजपूत थे।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धर्मग्रंथों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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