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Astrology Secrets: क्या अंतरिक्ष में भी होता है राहु-केतु का असर, जानें ज्योतिष शास्त्र के रहस्य

Astrology Secrets: खगोल विज्ञान में, राहु-केतु भौतिक ग्रह नहीं, बल्कि गणितीय कटान के बिंदु हैं, लेकिन वैदिक ज्योतिष में ये दोनों माया, भ्रम, इच्छा और भय के प्रतीक माने गए हैं. इसलिए ज्योतिष में इनका विशेष महत्व है. आइए जानते हैं कि अंतरिक्ष में इनका असर होता है या नहीं?

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Astrology Secrets: गणित शास्त्र के अनुसार, राहु और केतु पृथ्वी के सापेक्ष के ज्योतिषीय गणना के बिन्दु हैं. बुध, शुक्र या नेपच्यून की तरह इनका कोई भौतिक रूप नहीं है. लेकिन वैदिक ज्योतिष में ये दोनों कोई साधारण ग्रह नहीं, बल्कि भ्रम और माया का रहस्य हैं. ये वे अदृश्य शक्तियां हैं, पृथ्वी पर व्यक्ति में लालसा, भय, इच्छा, माया और भ्रम को जगाती हैं. आइए जानते हैं, राहु-केतु वास्तविक में क्या हैं और क्या अंतरिक्ष में भी इनका असर होता है?

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राहु-केतु क्या हैं?

ज्योतिषीय शास्त्र में, राहु और केतु को ‘छाया ग्रह’ कहा गया है, जो वे दो गणितीय बिंदु हैं, जहां सूर्य और चंद्रमा के परिक्रमण पथ एक-दूसरे को काटते हैं. इसे ‘लूनर नोड्स’ (Lunar Nodes) कहते हैं. उत्तरी या ऊपरी नोड (North Node) को राहु और दक्षिणी या निचले नोड (South Node) को केतु कहते हैं.

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कहां होता है राहु-केतु का असर?

ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, राहु-केतु का असर केवल पृथ्वी पर होता है. ये दोनों ग्रह धरती पर रहने वाले जीवों में इच्छा, भौतिक मोह, मोक्ष और वैराग्य जगाने वाले कारक हैं. इनका ज्योतिष में विशेष महत्व इसलिए भी है कि ये दोनों ग्रह पिछले जन्मों के संस्कारों और छिपे कर्मों का फल देते हैं.

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क्या अंतरिक्ष में होता है राहु-केतु का असर?

यह एक बहुत विवादास्पद प्रश्न है कि क्या क्या अंतरिक्ष में भी राहु-केतु का असर होता है? तो इसका उत्तर यह है कि चूंकि राहु-केतु सिर्फ पृथ्वी के सापेक्ष बने गणितीय बिंदु हैं, इसलिए अंतरिक्ष में इनका प्रभाव नहीं माना जाता है. इसके प्रमाण में यह कहा जाता है कि वहां न तो ग्रहण का असर होता और न ही इन छाया ग्रह की ऊर्जा का. आपको बता दें कि ग्रहण के दौरान राहु-केतु की चर्चा जरूर होती है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राहु चंद्रमा को और केतु सूर्य को निगल जाते हैं.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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