अंक शास्त्र को ज्योतिष शास्त्र का ही हिस्सा माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में जिस तरह 12 राशियों, 9 ग्रहों और 27 नक्षत्रों का उल्लेख है, उसी तरह अंक शास्त्र में मूलांक और भाग्यांक के महत्व बताए गए हैं। जन्म तिथि को ही मूलांक कहा जाता है, जिसका कोई न कोई स्वामी है।
चलिए जानते हैं शनि ग्रह किस मूलांक वालों के स्वामी हैं। साथ ही आपको उस मूलांक के लोगों के स्वभाव, करियर और उपायों आदि के बारे में भी पता चलेगा।
रातोंरात नहीं मिलती सफलता
जिन लोगों का जन्म किसी भी माह की 8, 17 या 26 तारीख को हुआ है, उनका मूलांक 8 है। अंक शास्त्र में मूलांक 8 को शनि का नंबर माना जाता है। इन तारीखों पर जन्मे लोगों के ऊपर शनि की विशेष कृपा रहती है। शनि को कर्मफल और न्याय का देवता माना जाता है, जो व्यक्ति से कड़ी मेहनत कराते हैं। इसलिए मूलांक 8 के लोगों को कोई भी चीज आसानी से नहीं मिलती है। हर चीज को प्राप्त करने के लिए इन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। इन्हें रातोंरात कभी सफलता नहीं मिलती है।
मूलांक 8 के लोग धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं, जिसके कारण इन्हें सफलता काफी देर से मिलती है। इसलिए कहा जाता है कि मूलांक 8 वालों को धैर्य व सब्र को अपना दोस्त बनाना चाहिए। यदि ये लोग जल्दबाजी में कोई काम करते हैं तो उसके सफल होने की संभावना बहुत कम होती है।
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मूलांक 8 वाले किस क्षेत्र में बनाएं करियर?
मूलांक 8 वालों के लिए कला, तकनीकी विभाग, स्टील का व्यवसाय, ट्रेडिंग, राजनीति, इंजीनियरिंग या शोध में करियर बनाना सही रहता है। इसके अलावा इन लोगों के हेल्थ सेक्टर में सफल होने की संभावना भी ज्यादा होती है।
मूलांक 8 वालों का लकी रंग क्या है?
नीला, गहरा भूरा और काला रंग मूलांक 8 वालों के लिए लकी रहता है।
शनि को प्रसन्न करने के उपाय
मूलांक 8 वालों को यदि शनि देव को खुश करना है तो उन्हें नियमित रूप से शनिदेव की पूजा करनी चाहिए। साथ ही शनि मंत्रों का जाप करना भी उनके लिए अच्छा रहेगा।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए मूलांक 8 वाले लोग काले रंग की वस्तु, सरसों के तेल या लोहे आदि का दान करें।
शनि दोष से छुटकारा पाने के लिए मूलांक 8 के लोगों को पीपल के पेड़ की पूजा करनी चाहिए। साथ ही शनिवार का व्रत रखें।