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G अक्षर से जुड़े जातकों पर रहता है शनि का प्रभाव, जानें व्यक्तित्व और स्वभाव

Name Astrology: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, G अक्षर से जुड़े जातकों का व्यक्तित्व औरों से अलग होता है। जानिए इससे जुड़े जातकों की विशेषताएं क्या-क्या होती हैं।

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Name Astrology Prediction About G: ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक व्यक्ति के नाम का पहला अक्षर उसकी राशि से जुड़ा होता है। हालांकि ये कुंडली में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति को देखकर निर्धारित किया जाता है। ज्योतिष शास्त्र के जानकारों का मानना है कि प्रत्येक नाम अक्षर से जुड़े जातकों के गुण, स्वभाव और विशेषताएं अलग-अलग होते हैं। आगे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानिए, अग्रेजी के G अक्षर से जुड़े जातकों के स्वभाव, गुण और विशेषताएं।

नक्षत्र और स्वमी ग्रह

अंग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अंग्रेजी का G अक्षर अंग-3 से जुड़ा है। अंक-3 का स्वामी गुरु (बृहस्पति) ग्रह है। बृहस्पति को ज्योतिष में ज्ञान का कारक माना गया है। वहीं अंक- 3 पर धनिष्ठा नक्षत्र का प्रभाव रहता है। धनिष्ठा नक्षत्र का स्वामी मंगल है। मंगल को ज्योतिष में शक्ति का कारक कहा गया है। मंगल का संबंध मकर राशि से भी है और मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव हैं, जो कि परिश्रम और कर्म के कारक माने गए हैं।

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कैसा होता है G अक्षर से जुड़े जातकों का व्यक्तित्व

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, G अक्षर से जुड़े जातक स्वभाव से विनम्र, साधारण और हमेशा अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होते हैं। अक्सर ये अपने सिद्धांत से समझौता करने वाले नहीं होते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो इस अक्षर से जुड़े लोग एक बार जो निश्चित कर लेते हैं, उसको पूरा करके ही मानते हैं। इस कार्य में शनि देव उनके सहायक होते हैं। इसक अलावा ये विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं घबराते हैं।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

First published on: Dec 14, 2023 01:31 PM

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