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Kundali Reading Tips: पिछले जन्म आप क्या थे? कुंडली बताएगी मनुष्य थे या कोई जानवर, जीव या कीड़ा

Kundali Reading Tips: कुंडली में छिपे हैं आपके पिछले जन्म के रहस्य, जिससे से पता चलता है कि आप पूर्व जन्म में मनुष्य, पशु, पक्षी या कोई अन्य जीव थे. फलदीपिका समेत कई ज्योतिष ग्रंथों में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है. आइए जानते हैं, पिछले जन्म में आप क्या थे?

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Kundali Reading Tips: वैदिक ज्योतिष एक विलक्षण विज्ञान है. इसमें मनुष्य के न केवल वर्तमान जीवन बल्कि पूर्व जन्मों और संचित कर्मों की जानकारी मिल जाती है. इस विद्या की एक बेहद प्रसिद्ध पुस्तक है ‘फलदीपिका’, जिसे महर्षि मंत्रेश्वर ने लिखा है. 14वीं सदी में लिखित इस ग्रंथ सहित अनेक प्रामाणिक ग्रंथों में यह बताया गया है कि किसी व्यक्ति की वर्तमान जन्म की कुंडली के अध्ययन से यह स्पष्ट रूप से जाना जा सकता है कि कोई व्यक्ति पिछले जन्म में क्या था. आइए जानते हैं, कुंडली में इसे कैसे देखा जाता है?

फलदीपिका की भविष्यवाणी

फलदीपिका ग्रंथ में बताया गया है कि आपकी वर्तमान जन्म की कुंडली के नवम भाव यानी भाग्य भाव के स्वामी ग्रह की राशि स्थिति से यह जान सकते हैं कि पूर्व जन्म में आप किस योनि में उत्पन्न हुए थे यानी आप इंसान थे या कोई पशु, पक्षी या कीड़ा या फिर वनस्पति. महर्षि मंत्रेश्वर ने वनस्पति यानी पेड़-पौधों को भी इसमें शामिल किया है, जो वैदिक ज्योतिष की उदारता को साबित करता है, वह जीवन के स्रोत को अपने अंदर समाहित मानता है.

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ऐसे होता है योनि का निर्धारण

फलदीपिका के अनुसार, किसी व्यक्ति की कुंडली के भाग्येश यानी नवम भाव के स्वामी ग्रह जिस प्रकार की राशि में विराजमान होते हैं, कुंडली में वह संयोग पिछले जन्म के जीव की जानकारी देता है.

चर राशि

जब नवमेश यानी भाग्येश मेष, कर्क, तुला या मकर राशि में होते हैं, तो जातक (व्यक्ति) के पिछले में मनुष्य योनि में होता है यानी उसने एक मानव के रूप में अच्छा या बुरा जीवन जिया था.

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स्थिर राशि

जब नवमेश वृषभ, सिंह, वृश्चिक या कुंभ राशि में बैठा होता है, तो व्यक्ति पूर्व जन्म में स्थावर यानी किसी स्थिर जीव या वनस्पति योनि में होता है. वनस्पति योनि का तात्पर्य पेड़-पौधे, वृक्ष-झाड़ी या प्रकृति के अन्य अचल लेकिन जीवनयुक्त रूप से है.

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द्विस्वभाव राशि

फलदीपिका कहता है कि जब नवम भाव के स्वामी मिथुन, कन्या, धनु या मीन राशि में स्थित होते हैं, तो पता चलता है कि तो व्यक्ति पूर्व जन्म में तिर्यक योनि यानी किस पशु-पक्षी और अन्य जानवर, जीव या कीड़ा के रूप में था.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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