Hand Hair Meaning: हथेली के अगले हिस्से को 'करतल' और इसके पिछले भाग को 'कर पृष्ठ' कहते हैं. कर पृष्ठ यानी हाथ के पीछे वाले भाग की बनावट, संरचना और यहां तक कि उस पर उगे बालों को भी सामुद्रिक शास्त्र में महत्व दिया गया है, क्योंकि ये अहम संकेत देते हैं. आइए जानते हैं, ये संकेत क्या हैं?

अत्यधिक बाल होना

'अति वर्जयेत' इसलिए 'कर पृष्ठ' पर भी अत्यधिक बाल होना शुभ नहीं माना गया है. सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार, यह बुद्धि और संघर्ष के संकेत देता है. अक्सर ऐसे लोग बहुत परिश्रमी होते हैं और लक्ष्य को हासिल करने एक लिए जी-तोड़ मेहनत करते हैं. हालांकि, ऐसे लोग थोड़े जिद्दी और गुस्सैल भी होते हैं.

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कम बाल होना

सामुद्रिक शास्त्र में हथेली पिछले भाग पर कम बाल होना एक संतुलित जीवन और सकारात्मक पर्सनैलिटी की निशानी माना गया है. ऐसे लोग खुद को हर परिस्थिति में ढाल लेते हैं और प्रायः अच्छा जीवन जीते हैं. साथ ही ये शांतिप्रिय भी होते हैं. इन्हीं समाज में प्रतिष्ठा भी मिलती है.

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बिल्कुल बाल न होना

सामुद्रिक शास्त्र रोम रहित हाथ को बहुत भाग्यशाली मानता है. इस शास्त्र के अनेक श्लोकों में हथेली के पिछले हिस्से को बाल से विहीन, थोड़ा उभरा हुआ और मांसल होना, अत्यंत शुभ बताया गया है. कहा जाता है, ऐसे हाथ वाले जातक राजसुख और विलासिता का जीवन जीते हैं. ऐसे लोगों को भौतिक सुख-सुविधाएं आसानी से मिलती हैं.

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बाल के साथ नसें और रूखापन

कुछ लोगों की हथेली के पिछले पर नसें बहुत दिखाई देती हैं. बाल के साथ ज्यादा उभरी हुई नसें जीवन में तनाव, कष्ट और अत्यधिक श्रम को दर्शाता है. वहीं, इसके साथ अगर त्वचा रूखी भी हो, तो यह जातक के जीवन में धन और वित्त संबंधी उतार-चढ़ाव की ओर इशारा करती है.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी सामुद्रिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.