Vijayadashami: रावण ने मरने से पहले लक्ष्मण को दिए थे सफलता के मंत्र, आपके भी काम आ सकती है ये बातें
Edited By Pankaj Mishra

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Vijayadashami: आज देशभर में दशहरा (Dussehra) यानी विजयादशमी (Vijayadashami) का पावन पर्व मनाया जा है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था। विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक के रुप में माना जाता है।
रावण एक पराक्रमी योद्धा, शक्तिशाली और बलशाली था। इतना ही नहीं तीनों लोकों में उसके जैसा कोई ज्ञानी नहीं था। वह महान पंडित और ज्योतिष भी था। रावण से बड़ा भक्त न तो उससे पहले कोई था, न उसके बाद कोई हुआ। उसे सभी देवताओं को आशीर्वाद प्राप्त था। वह परम शिव भक्त था। जिसने ‘शिव तांडव’ की रचना की थी। लेकिन इन्हीं सब उपलब्धियों से वो अहंकारी बना और यही उसके सर्वनाश का कारण भी। फिर भी इन सबसे उसका प्रभाव परे था।
जब धरती पर रावण का पाप बढ़कर अंतिम चरण में पहुंच गया तो भगवान विष्णु ने रामावतार के रुप में जन्म लेकर उसका विनाश किया।
जब विद्वान रावण मरणासन्न की स्थिति में था, तब भगवान श्रीराम ने लक्ष्मण से कहा ‘राजनीति और शक्ति का महान पंडित इस संसार से जा रहा है। तुम उसके पास जाकर उससे जीवन की उन शिक्षाओं को ग्रहण करो जिन्हें किसी दूसरे से प्राप्त नहीं किया जा सकता।’ राम के कहने पर लक्ष्मण, मरणासन्न स्थिति में पड़े रावण के सिर के पास जाकर काफी समय तक खड़े रहे लेकिन रावण ने उनसे कुछ नहीं कहा।
इसके बाद जब लक्ष्मण ने राम के पास जाकर उन्हें सारी बात बताई तो राम ने उन्हें बताया कि यदि किसी से ज्ञान प्राप्त करना हो तो उसके सिर के पास नहीं बल्कि उसके चरणों के पास खड़ा होना चाहिए। राम की बात मानते हुए लक्ष्मण वापस रावण के पास गए और उसके पैरों के पास खड़े हुए तो महाज्ञानी लंकाधिपति रावण ने लक्ष्मण को 5 ऐसी बातें बताई जो आपको भी जीवन में सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है।
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