Budh Gochar 2025: बुध देव का ज्योतिष में खास महत्व है। इसी वजह से उन्हें ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। बुध मात्र 20 दिनों तक प्रत्येक राशि में विराजमान रहते हैं। इसके बाद वो राशि परिवर्तन करते हैं। बुध के प्रत्येक गोचर का गहरा प्रभाव 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। खासतौर पर साधक की बुद्धि, वाणी, संचार क्षमता, त्वचा और कारोबार आदि पर शुभ और अशुभ असर होता है।
जिन जातकों के ऊपर बुध गोचर का शुभ प्रभाव पड़ता है, वो बुद्धिमान होते हैं। उन्हे त्वचा से संबंधित समस्याएं नहीं होती हैं। इसके अलावा कारोबार में भी सफलता प्राप्त होती है। चलिए जानते हैं साल 2025 के शुरुआत में किस समय बुध का राशि परिवर्तन हुआ है। साथ ही आपको उन भाग्यशाली राशियों के बारे में भी पता चलेगा, जिनके जातकों के ऊपर ग्रहों के राजकुमार का शुभ प्रभाव इस समय पड़ने वाला है।
किस समय बदली बुध की चाल?
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 4 जनवरी 2025 को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट पर बुध ने धनु राशि में गोचर कर लिया है। धनु राशि में बुध देव 24 जनवरी 2025 को शाम 5 बजकर 45 मिनट तक मौजूद रहेंगे। बता दें कि देवगुरु बृहस्पति को धनु राशि का स्वामी माना जाता है, जो ज्ञान के कारक ग्रह हैं।
बुध गोचर का राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
बुध गोचर का अशुभ प्रभाव मेष राशि के जातकों के ऊपर पूरे जनवरी माह पड़ेगा। कार्यस्थल पर किसी से लड़ाई हो सकती है, जिसके कारण काम प्रभावित होगा। कारोबारियों के हाथ से एक अहम डील निकल सकती है, जिसके कारण उन्हें बड़ा घाटा होगा। हेल्थ, रक्षा और खेल से जुड़े क्षेत्रों में काम कर रहे जातकों को पैसों की कमी का सामना आने वाले कुछ दिनों तक करना पड़ सकता है। उम्रदराज जातकों को जनवरी माह में पेट से संबंधित कोई रोग हो सकता है।
कन्या राशि
बुध गोचर से कन्या राशि के जातकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। शेयर बाजार से मन-मुताबिक मुनाफा नहीं होगा, जिसकी वजह से भविष्य के लिए बनाई गई योजनाएं समय पर पूर्ण नहीं हो पाएंगी। कड़ी मेहनत करने के बाद भी छात्रों को परीक्षा में सफलता नहीं मिलेगी, जिसके कारण उनका मन उदास रहेगा। अचानक धन हानि होने के कारण कारोबारियों की चिंता बढ़ेगी। हाल ही में जिन लोगों का ब्रेकअप हुआ है, वो अपने मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नहीं तो डिप्रेशन का शिकार हो सकते हैं।
कुंभ राशि
मेष और कन्या राशि के जातकों के अलावा कुंभ राशि के लोगों के ऊपर भी बुध गोचर का नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है। कारोबारियों को धन हानि हो सकती है, जिसके कारण कुछ दिनों तक उन्हें पैसों के लिए तरसना पड़ेगा। जिन लोगों की आयु 30 से ज्यादा हो गई है, उन्हें मौसमी बीमारियां हो सकती हैं। नौकरीपेशा जातकों का बॉस से विवाद हो सकता है, जिसके बाद गुस्से में आकर वो आपको नौकरी से भी निकाल सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।