Sunil Sharma
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Buddha Purnima: बैसाख माह की पूर्णिमा अथवा बुद्ध पूर्णिमा इस बार 5 मई 2023, शुक्रवार को मनाई जाएगी। बुद्ध पूर्णिमा पर लगभग 130 वर्षों बाद उपछाया चंद्रग्रहण का भी संयोग बन रहा है। इसके साथ ही कई अन्य शुभ योग भी इस दिन बन रहे हैं जिनका उपयोग आप अपने भाग्य को संवारने में कर सकते हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित रामदास के अनुसार इस समय गुरु और चंद्रमा की युति गजकेसरी योग का भी निर्माण कर रही है। पूर्णिमा का आरंभ भी सर्वार्थ सिद्धि योग में हो रहा है। सबसे बड़ी बात पूर्णिमा शुक्रवार को आ रही है जिसे मां लक्ष्मी का दिन माना गया है, जबकि पूर्णिमा को भगवान विष्णु की तिथि माना गया है। ऐसे में इस दिन विधिवत ढंग से पूजा करने से मां लक्ष्मी और भगवान श्रीहरि दोनों की प्रसन्नता प्राप्त होती है।
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पूर्णिमा और चंद्रग्रहण दोनों का ही ज्योतिष में विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में यदि आप कालसर्पदोष के निवारण के लिए भी उपाय कर सकते हैं। इसके लिए आपको पूर्णिमा के दिन भगवान शिव का अभिषेक करना होगा। साथ ही महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें। इससे कालसर्पदोष तुरंत ही दूर होगा।
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कुछ जन्मकुंडलियों में ग्रहण दोष होता है जो व्यक्ति को जीवन में कभी तरक्की नहीं करने देता है। इस स्थिति के निवारण के लिए कई उपाय बताए गए हैं। आप भी इस दोष को दूर करने के लिए ग्रहण के समय भगवान विष्णु के महामंत्र ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम: का अधिकाधिक जप करें। बाद में प्रतिदिन 108 बार इस मंत्र का जप करें। इससे ग्रहण दोष सहित जन्मकुंडली के अन्य सभी ग्रहदोष दूर होते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।
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