Aaj Ka Panchang 17 January 2026: राहुकाल और भद्रा, दोनों को ही शुभ कार्य करने के लिए अशुभ माना गया है. द्रिक पंचांग के अनुसार, काफी समय बाद आज 17 जनवरी 2026 को राहुकाल के साथ भद्रा का साया मंडरा रहा है. इसके अलावा कई अशुभ योग भी बन रहे हैं, जिनका गहरा असर मानव जीवन पर होगा. चलिए अब 17 जनवरी 2026, वार शनिवार (समर्पित- शनि देव और हनुमान जी) के पंचांग के बारे में.
तिथि
17 जनवरी 2026 के दिन की शुरुआत माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि से हुई है, जो केवल 4 मिनट तक रही थी. चतुर्दशी तिथि के बाद अब अमावस्या तिथि चल रही है, जो देर रात तक रहने वाली है.
नक्षत्र
नक्षत्र की बात करें तो प्रात: काल में मूल रहेगा, जिसका समापन सुबह करीब 8 बजे होगा. मूल नक्षत्र के बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र का आरंभ हो रहा है, जिसका समापन दिन के अंत के साथ ही होगा.
योग
17 जनवरी 2026 के दिन की शुरुआत व्याघात योग से हुई है, जो रात करीब 9 बजे तक रहेगा. इसके बाद हर्षण योग का आरंभ होगा, जो देर रात तक रहेगा. हालांकि, इस बीच सुबह करीब 8 बजे के आसपास आडल योग शुरू होगा, जो देर रात तक रहेगा. इसके अलावा सुबह 7 बजे से 8 बजे (लगभग) तक विडाल योग रहेगा.
संवत और चंद्रमास
नवग्रहों की स्थिति
- चंद्र ग्रह: धनु राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
- राहु ग्रह: कुंभ राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
- केतु ग्रह: सिंह राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
- शनि ग्रह: मीन राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
- देवगुरु बृहस्पति (गुरु) ग्रह: मिथुन राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
- बुध ग्रह: धनु राशि से निकलकर मकर राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को गोचर करेंगे.
- सूर्य ग्रह, मंगल ग्रह और शुक्र ग्रह: मकर राशि में 17 जनवरी 2026, वार शनिवार को रहने वाले हैं.
17 जनवरी 2026 का शुभ समय
17 जनवरी 2026 का अशुभ समय
करण
करण की बात करें तो प्रात: काल में विष्टि रहेगा, जिसका समापन सुबह करीब 11 बजे होगा. विष्टि करण के बाद शकुनि करण का आरंभ हो रहा है, जो अगले दिन (18 जनवरी 2026) की सुबह तक रहेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.