Kal Ka Panchang 11 July 2026: कल शनिवार 11 जुलाई 2026 को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी और द्वादशी तिथि का संयोग है. इसी दिन योगिनी एकादशी का पारण और कृष्ण रामलक्ष्मण द्वादशी भी है. अगर आपने योगिनी एकादशी का व्रत रखा है, तो पारण सही मुहूर्त में करना शुभ माना जाता है, इसलिए पहले से शुभ समय जरूर जान लें. इस दिन त्रिपुष्कर योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे कई शुभ योग भी बन रहे हैं. साथ ही कृत्तिका और रोहिणी नक्षत्र का वृद्धि योग के साथ संयोग रहेगा, जिसे ज्योतिष में शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है. यदि 11 जुलाई के ग्रह-नक्षत्रों की बात करें तो चंद्रमा कृत्तिका और रोहिणी, जबकि सूर्य पुनर्वसु नक्षत्र में रहेंगे. वहीं शिववास सुबह 5:22 बजे तक कैलाश पर और उसके बाद नंदी पर रहेगा. दिशाशूल पूर्व दिशा में रहेगा, इसलिए अगर इस दिशा में यात्रा का प्लान है तो शुभ समय देखकर निकलना बेहतर माना जाता है. द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 जुलाई 2026 के नक्षत्र, योग, करण, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और दिनभर के शुभ-अशुभ समय की पूरी जानकारी यहां विस्तार से जान सकते हैं.
11 जुलाई के नक्षत्र, योग और करण
11 जुलाई को कृत्तिका नक्षत्र दोपहर से पहले 11बजकर 3 मिनट तक रहेगा. इसके बाद रोहिणी नक्षत्र आरंभ हो जाएगा. जहां तक योग की बात है, तो इस दिन गंड योग का असर 12 जुलाई की 12 बजकर 5 मिनट तक व्याप्त रहेगा और यह एक अशुभ योग है, लेकिन इसके वृद्धि योग की शुरुआत होगी, जो एक शुभ है. वहीं, 11 जुलाई की पंचांग में तीन करण व्याप्त रहेंगे: सुबह 5 बजकर 22 मिनट तक बालव करण, इसके बाद कौलव करण 3 बजकर 45 मिनट तक और फिर तैतिल करण आरंभ होगा.
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संवत और चंद्रमास
11 जुलाई को सूर्योदय, सूर्यास्त, चन्द्रोदय और चन्द्रास्त
सूर्योदय - सुबह 05:20 ए एम
सूर्यास्त - शाम 07:03 पी एम
चन्द्रोदय - रात 02:39 ए एम, जुलाई 12
चन्द्रास्त - दोपहर बाद 04:01 पी एम
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शुभ समय
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अशुभ समय
कब करें योगिनी एकादशी का पारण?
योगिनी एकादशी 2026 का व्रत अगर आपने रखा है, तो इसका पारण 11 जुलाई 2026, शनिवार को दोपहर में 1 बजकर 34 मिनट से 4 बजकर 19 मिनट के बजे के बीच करें. सुबह हरि वासर होने की वजह से उस समय व्रत खोलना शुभ नहीं माना जाता है. इसलिए पारण के लिए दोपहर का यही समय सबसे उपयुक्त माना गया है.
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11 जुलाई को नवग्रहों की स्थिति
11 जुलाई को ग्रहों की चाल और नवग्रहों की स्थिति भी 10 जुलाई की तरह रहने वाली है. इस दिन ग्रहों के राजा सूर्य मिथुन राशि में विराजमान रहेंगे और बुध ग्रह के साथ उनकी युति बनी रहेगी. मन, मस्तिष्क और माता के कारक चंद्रमा ग्रह वृषभ राशि में मौजूद रहने वाले हैं और वे मंगल ग्रह के साथ युति बनाएंगे. इसके साथ ही देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में विराजमान रहेंगे. उधर शुक्र ग्रह सिंह राशि में केतु के साथ रहेंगे. वहीं राहु कुंभ राशि में और शनि देव मीन राशि में गोचर करते हुए अपनी स्थिति बनाए रखेंगे.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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