4 देशों में भयंकर भूकंप, 12000 साल से सोये ज्वालामुखी में विस्फोट... साल 2025 में 6 आपदाओं ने छिनी जिंदगियां, फैलाई दहशत

Year Ender 2025: साल 2025 में प्राकृतिक आपदाओं ने खूब कहर ढहाया, खासकर भूकंपों ने दिल दहलाया. पहाड़ों, समुद्र और धरती ने मिलकर लोगों से जहां उनकी जिंदगी छीन ली. वहीं तबाही और बर्बादी का खौफनाक मंजर दिखाया. साल के पहले महीने में विनाशकारी भूकंप आया, जिसका सिलसिला साल के आखिर तक जारी रहा, वहीं यूरोपीय देशों ने इस बार हीटवेव से जिंदगियों को जलते हुए भी देखा.

Year Ender 2025 Natural Disasters

पूरा साल धरती भूकंप के झटकों से दहलती रही और तबाही मचती रही.

Natural Disasters in 2025 Year Ender: साल 2025 में पूरी दुनिया में कुदरत का कहर झेला और सबसे ज्यादा भूकंपों ने धरती को दहलाया, लोगों को रुलाया, तबाही मचाई और जिंदगियां छिनीं. जहां यूरोप ने भयंकर हीटवेव से लोगों को दम तोड़ते देखा, वहीं धरती के अंदर जलजला आने से फटे ज्वालामुखी की भयावहता भी देखी. रूस में आए भूकंप के बाद जहां समुद्र देव ‘मौत’ बनकर लोगों पर टूटे, वहीं तिब्बत-रूस और म्यांमार में आए भूकंप ने उथल-पुथल मचाई. आइए साल 2025 में आईं प्राकृतिक आपदाओं के बारे में जानते हैं…

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यूरोपीय हीटवेव 2025

साल 2025 की सबसे भयावह त्रासदी हीटवेव ने यूरोप के 29 देशों में अप्रैल से सितंबर (6 महीने) तक कहर बरपाया. अप्रैल में रिकॉर्ड तोड़ तापमान के साथ शुरू हुई हीटवेव ने 16500 लोगों को मौत की नींद सुलाया. तापमान 50 डिग्री तक पहुंच गया था. न केवल इंसान, बल्कि जानवरों ने भी भीषण गर्मी से तड़प-तड़प कर दम तोड़ा. कई देशों में जंगलों में आग लगी, जिससे प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचा. मानव जीवन के साथ पारिस्थितिक तंत्र भी प्रभावित हुआ. अल्बानिया, ऑस्ट्रिया, बेलोरूस, बोस्निया, हर्जेगोविना, बुल्गारिया, क्रोएशिया, एस्तोनिया, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, इटली, लातविया, लिथुआनिया, उत्तरी मैसेडोनिया, नॉर्वे, पोलैंड, पुर्तगाल, रूस, सर्बिया, स्लोवेनिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, टर्की, यूनाइटेड किंगडम 6 महीने हीटवेव की चपेट में रहे.

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तिब्बत में भूकंप

नए साल के जश्न में डूबा भारत का पड़ोसी देश तिब्बत की धरती 7 से ज्यादा तीव्रता वाले भूकंप से फट गई. धरती के नीचे 10 किलोमीटर की गहराई से पैदा हुई भूकंप की तरंगें भारत-नेपाल और भूटान-चीन तक धरती को दहलाती चली गईं. वहीं भूकंप ने चीन के कब्जे वाले तिब्बत के शिगात्से प्रान्त के शहर टिंगरी काउंटी में तबाही मचाई. करीब 400 लोगों के शव मिले और 30000 इमारतें ढह गईं और 5000 से ज्यादा घर ढह गए. 200 से ज्यादा गांव बर्बाद को गए. करीब 15 लाख लोगों से उनका आशियाना छिन गया. चीन ने मदद को हाथ बढ़ाए और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर लोगों को रिफ्यूजी कैंपों में शिफ्ट किया, लेकिन 7 जनवरी की सुबह जब दुनिया जागी तो तिब्बत में तबाही का मंजर देखकर दिल दहल गया.

म्यांमार में भूकंप

जनवरी में तिब्बत में तबाही मचाने के बाद भूकंप ने 28 मार्च 2025 को म्यांमार में दहशत फैलाई. 7.5 से 8 की तीव्रता वाले भूकंप के झटके भारत समेत थाईलैंड, दक्षिण-पश्चिमी चीन , वियतनाम तक महसूस किए गए. यह म्यांमार के इतिहास का दूसरा सबसे घातक भूकंप था, जिसने म्यांमार के साथ थाईलैंड में इमारतों को ध्वस्त किया और 5500 से ज्यादा लोगों की जान ली. अकेले म्यांमार में 5300 लोगों ने जान गंवाई. दोनों देशों ने इमरजेंसी घोषित करके बचाव अभियान चलाया. 120000 हजार घरों को नुकसान पहुंचा, जिनमें से 48000 से ज्यादा घर ढह गए और 1000 से ज्यादा सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचा. थाईलैंड में एक इमारत ढहने से मलबे के नीचे करीब 95 लोग दब गए थे, जिनकी लाशें बरामद हुईं.

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रूस में भूकंप

साल 2025 में दुनिया का छठा सबसे खतरनाक भूकंप रूस में जुलाई महीने में आया था, जिसने करीब 10 देशों को प्रभावित किया था. 30 जुलाई 2025 को रूस के कामचटका द्वीप पर विनाशकारी और शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 8.8 मापी गई थी. इस भूकंप के कारण समुद्र में ऐसे जलजला आया था कि सुनामी आने की चेतावनी जारी हो गई थी. 10 देशों में हाई अलर्ट और इमरजेंसी घोषित हो गई थी. समुद्र में करीब 3 फीट ऊंची लहरें उठी थीं, जिन्होंने रूस और जापान के समुद्र तटीय इलाकों को तबाह कर दिया था. हालांकि जान माल का ज्यादा नुकसान नहीं हुआ था, लेकिन भूकंप और सुनामी ने जो मंजर दिखाया था, उसे देखकर जापान में साल 2011 की सुनामी से मची तबाही याद आ गई थी.

अफगानिस्तान में भूकंप

31 अगस्त 2025 को अफगानिस्तान में विनाशकारी भूकंप आया था, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6 मापी गई थी. इस भूकंप का केंद्री नांगरहार स्टेट के कुज कुनार जिले में 8 किलोमीटर की गहराई में मिला था और इसके झटके पाकिस्तान, भारत तक महसूस किए गए थे. भूकंप आने के बाद 17 ऑफ्टरशॉक भी लगे थे, जिन्होंने अफगानिस्तान के कई गांवों को मलबों का ढेर बना दिया था. करीब 8000 घर ढह गए थे और 1000 से ज्यादा लोग मारे गए थे. 3500 लोग घायल हुए थे. 15000 लोग बेघर हो गए थे. ईरान, भारत, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड और संयुक्त अरब अमीरात ने आपदाग्रस्त अफगानिस्तान को मानवीय सहायता भेजी थी.

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इथियोपिया में ज्वालामुखी विस्फोट

साल 2025 में दुनिया ने भूकंप, बाढ़, भूस्खलन के अलावा एक और प्राकृतिक आपदा का दंश झेला. जी हां, साल 2025 के नवंबर महीने में अफ्रीकी देश इथियोपिया में 12000 साल से सोया हुआ ज्वालामुखी अचानक फट गया, जिससे करीब 15 किलोमीटर ऊंचा राख का गुबार उठा और विनाशकारी लावा निकाला. राख का गुबार लाल सागर पार करके यमन, ओमान, पाकिस्तान और भारत तक पहुंचा. भारत की राजधानी दिल्ली तक इसका असर देखने को मिला और राख के गुबार के कारण कई देशों की फ्लाइट कैंसिल हुईं और डायवर्ट करनी पड़ीं.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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