हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

क्या वाकई रूस से तेल नहीं खरीदेगा भारत? टूट जाएगी पुतिन से सालों पुरानी दोस्ती, क्या कहती है सरकार?

India Russia Oil Trade: भारत और अमेरिका की ट्रेड डील के बाद भारत और रूस के तेल व्यापार पर सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि भारत के साथ ट्रेड डील रूस से तेल व्यापार संबंध तोड़ने की शर्त पर ही हुई है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत और रूस की दोस्ती टूट जाएगी?

विज्ञापन
अमेरिका के साथ ट्रेड डील का असर रूस से तेल व्यापार पर पड़ सकता है.

India Russia Oil Trade Future: अमेरिका और भारत के बीच ऑयल ट्रेड डील लॉक हो गई है. इसके बदले में अमेरिका ने भारत पर लगा टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है. साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक दावा किया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा, बल्कि अमेरिका और वेनेजुएला से तेल खरीदेगा, इसे लेकर समझौता हो गया है. ऐसे में अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या भारत और रूस की दोस्ती टूट जाएगी? क्या भारत अब वाकई रूस से तेल की खरीद नहीं करेगा?

यह भी पढ़ें: US-India ट्रेड डील चीन-पाकिस्तान के लिए झटका, जानें भारत की तुलना में दोनों को कितना देना होगा टैरिफ?

यूक्रेन के कारण लगाया था 25 प्रतिशत टैरिफ

बता दें कि भारत अपनी जरूरत कर करीब 90 प्रतिशत तेल दूसरे देशों से आयात करता है. इसमें से 35 प्रतिशत तेल रूस से खरीदा जाता है, लेकिन यूक्रेन से जंग के कारण अमेरिका को यह तेल व्यापार खटक गया. अमेरिका ने आरोप लगाया कि रूस से तेल खरीदकर भारत फंडिंग कर रहा है, जिससे रूस को यूक्रेन के खिलाफ जंग लड़ने की ताकत मिलती है. इसलिए भारत पर अमेरिका की ट्रंप सरकार ने 25 प्रतिशत पैनल्टी टैरिफ लगा दिया, जबकि 25 प्रतिशत टैरिफ पहले से लगाया हुआ था.

विज्ञापन

टैरिफ से भारत का हो रहा था आर्थिक नुकसान

अमेरिका ने कई बार भारत को रूस से तेल न खरीदने को कहा, लेकिन भारत ने जनहित का हवाला देकर कोई फैसला नहीं किया. अब जब अमेरिका ने टैरिफ लगा दिया तो भारत को नुकसान होने लगा. भारत के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है, लेकिन टैरिफ के कारण अमेरिका को निर्यात कम हो गया था. अमेरिका को भारत के निर्यात में 30 बिलियन डॉलर की गिरावट आ गई थी, जिससे भारतीयों के लिए नौकरियों का खतरा पैदा हो गया था और बिजनेस-इंडस्ट्री को भी नुकसान होने लगा था.

यह भी पढ़ें: टैरिफ 25 से 18 करने को कैसे माने ट्रंप? भारत से ट्रेड डील का वेनेजुएला-यूक्रेन से क्या कनेक्शन, पढ़ें इनसाइड स्टोरी

विज्ञापन

रूस-भारत के व्यापारिक संबंध काफी मजबूत

बता दें कि भारत और रूस के तेल व्यापार को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से किए गए दावे पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की गई है, लेकिन पॉलिटिकल एक्सपर्ट कहते हैं कि भारत के साथ रूस की दोस्ती काफी पुरानी है. भारत-रूस के रक्षा समझौते काफी मजबूत हैं. 2019 से 2023 के बीच रूस और भारत के बीच 36 प्रतिशत रक्षा समझौते हुए. 2024-25 में भारत ने रूस के साथ 131 बिलियन डॉलर का व्यापार किया और भारत को रूस से सस्ता तेल भी मिलता है.

संकट में भारत का मजबूत साथी रहा है रूस

बता दें कि आजादी के बाद से ही भारत और रूस की दोस्ती रही है. संकट में भारत का मजबूत साथी बनकर रूस खड़ा रहा है. कई बार ऐसा हुआ है, जब अमेरिका ने भारत से किनारा किया या भारत के खिलाफ एक्शन लिए, वहीं रूस साथ देता रहा, दोस्त बनकर खड़ा रहा. 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के समय रूस ने यूनाइटेड नेशन्स में भारत का पक्ष लिया था, जबकि अमेरिका ने पाकिस्तान की मदद करते हुए हिंद महासागर में अपना सैन्य बेड़ा भेज दिया थाऔर यह एक्शन भारत के खिलाफ था.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: ‘ईरान की बजाय वेनेजएुला के तेल पर डील कर सकता है चीन’, ट्रंप का ऑफर, भारत को लेकर भी किया बड़ा दावा

तेल से बड़ा और मजबूत है रक्षा समझौता

1998 में जब भारत ने परमाणु परीक्षण किया था तो अमेरिका ने विरोध किया था. रूस पर भारत को हथियार न देने का दबाव डाला था, लेकिन रूस उस दबाव में नहीं आया और भारत को हथियारों की सप्लाई भी बंद नहीं की थी, लेकिन भारत गुट निरपेक्ष राष्ट्र है, इसलिए रूस और अमेरिका के साथ संतुलन बनाना भारत का स्वभाव है. इसलिए रूस से तेल की खरीद न करने का मतलब यह नहीं होगा कि रूस के साथ संबंध खराब हो जाएं, क्योंकि भारत और रूस का रक्षा समझौता तेल व्यापार से बड़ा और मजबूत है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola