हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

दुनिया को तेल बेचने वाले रूस में 'ऑयल क्राइसिस' क्यों? पेट्रोल पंपों पर लगीं लंबी कतारें, भारत से लेनी पड़ी मदद

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने भी माना है कि वाहन चालकों और कारोबारियों के लिए समस्याएं बनी हुई हैं. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन निजी पेट्रोल पंपों पर दाम तेजी से बढ़े हैं.

विज्ञापन

दुनिया के सबसे बड़े ईंधन उत्पादक देशों में शुमार रूस इस समय खुद गंभीर तेल संकट का सामना कर रहा है. वैश्विक बाजारों को ईंधन निर्यात करने वाला रूस आज खुद अपने ही घरेलू बाजारों में तेल की खपत को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिससे नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

क्या है रूस में ऑयल क्राइसिस का कारण?


रूस में ऑयल क्राइसिस संकट के पीछे का मुख्य कारण यूक्रेन द्वारा रूसी ऊर्जा इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाना है. यूक्रेन ने लगातार ड्रोन और मिसाइल हमलों से रूस के कई एनर्जी प्लांटों को नुकसान पहुंचाया. इन हमलों ने रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों और डिपो को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे देश की कुल रिफाइनिंग क्षमता का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा ठप हो गया है. स्थिति इतनी संवेदनशील हो चुकी है कि साइबेरियाई शहर इरकुत्स्क में प्रशासन को कतारों में घंटों इंतजार करने वाले लोगों के लिए पोर्टेबल टॉयलेट तक की व्यवस्था करनी पड़ी है.

यह भी पढ़ें: ‘पाकिस्तान की बर्बादी का कारण भारत नहीं, उसकी अपनी सेना’, सिंगापुर के पूर्व राजदूत का बड़ा दावा

विज्ञापन

आम जनजीवन प्रभावित


रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उपप्रधानमंत्री एलेक्जेंडर नोवाक ने भी माना है कि वाहन चालकों और कारोबारियों के लिए समस्याएं बनी हुई हैं. हालांकि, सरकारी तेल कंपनियां कीमतों को नियंत्रित रखने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन निजी पेट्रोल पंपों पर दाम तेजी से बढ़े हैं. इस संकट ने रूस के कृषि क्षेत्र को भी चिंता में डाल दिया है. अनाज उत्पादक क्षेत्रों के किसान इस बात को लेकर आशंकित हैं कि ईंधन की कमी के कारण वे अपनी फसलों की समय पर कटाई कर पाएंगे या नहीं.

भारत से लेनी पड़ी मदद


इस घरेलू कमी को पूरा करने के लिए रूस ने अब एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अन्य देशों से ईंधन आयात करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, रूस ने समुद्री मार्ग के जरिए भारत से पेट्रोल का आयात शुरू किया है. सूत्रों के मुताबिक, भारत से कम से कम 60,000 मीट्रिक टन पेट्रोल पहले ही रूस भेजा जा चुका है और दो बड़े टैंकर इसके लिए रवाना किए गए हैं.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: 32 की उम्र में करोड़ों कमाकर हुए रिटायर, फिर पालने लगे मुर्गियां; अब बोले- जिंदगी की सबसे बड़ी भूल थी!

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola