हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल क्यों खो रहा ईरान? ट्रंप ने नया नक्शा जारी कर किया बड़ा दावा

होर्मुज स्ट्रेट पर तेहरान का कंट्रोल कमजोर पड़ता दिख रहा है और करीब 80% जहाज अब ओमान मार्ग का रुख कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जलमार्ग को पूरी तरह खुला और बारूदी सुरंगों से मुक्त बताते हुए नौसैनिक नाकाबंदी का दावा किया है. वहीं खाड़ी देश डार्क शिपिंग के जरिए कच्चे तेल का सुरक्षित निर्यात तेजी से जारी रखे हुए हैं.

विज्ञापन
होर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल क्यों खो रहा ईरान? ट्रंप ने नया नक्शा जारी कर किया बड़ा दावा। PIC CREDIT: AI / NEWS 24

दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माने जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का दबदबा तेजी से कमजोर पड़ता नजर आ रहा है. केप्लर के डेटा के मुताबिक, लगभग 80% जहाजों ने संयुक्त राष्ट्र अधिकृत ओमान मार्ग का इस्तेमाल किया. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दावा करते हुए एक नक्शा जारी किया है. ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर कहा कि ईरान के साथ कोई बातचीत नहीं चल रही है और नौसैनिक नाकाबंदी पूरी तरह लागू है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जलमार्ग में बिछाई गई सभी समुद्री माइंड्स को हटा दिया गया है या निष्क्रिय कर दिया गया है, जिससे मार्ग अब परिचालन के लिए सुरक्षित है.

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में अमेरिका की क्यों बढ़ रही टेंशन? ये युद्धपोत बना वजह

ओमान मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही

समुद्री डेटा का हवाला देते हुए CNN Report में बताया गया है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सबसे अहम माने जाने वाले इस समुद्री रास्ते पर ईरान की पकड़ ढीली पड़ रही है. शांति काल में दुनिया के कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का करीब पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता रहा है. मरीन ट्रैफिक के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में क्रमशः 95 और 118 जहाज होर्मुज से गुजरे. होर्मुज से गुजरने वाले 80 प्रतिशत जहाजों ने संयुक्त राष्ट्र अधिकृत ओमान मार्ग का इस्तेमाल किया.

विज्ञापन

ईरान की धमकियों और हमलों के जोखिम के बावजूद मर्चेंट पोत अमेरिकी सुरक्षा वादे के तहत इस रास्ते से गुजर रहे हैं. दूसरी ओर, अमेरिकी नौसेना ने इस पूरे इलाके में अपनी नाकाबंदी कड़ी कर दी है.

केप्लर के कच्चे तेल विश्लेषकों का कहना है कि रूट बदलने के चलते ईरान अब जहाजों से टोल टैक्स या ट्रांजिट फीस वसूलने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है.

विज्ञापन

होर्मुज में फिर भड़का तनाव! कच्चे तेल की कीमतों में आया उबाल, ईरान ने मांगी 20% पेनल्टी; भारत के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

डार्क शिपिंग से तेल की आवाजाही

सऊदी अरब, कुवैत और यूएई जैसे खाड़ी देश तेल निर्यात के लिए विशाल कच्चे तेल वाहक (VLCC) जहाजों का इस्तेमाल कर रहे हैं. लिपो ऑयल एसोसिएट्स के अनुसार, ये जहाज ट्रांसपोंडर बंद रखकर सुरक्षित तरीके से फारस की खाड़ी से निकलते हैं और ओमान की खाड़ी में तेल को अन्य टैंकरों में ट्रांसफर करते हैं.

विज्ञापन

अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के अनुसार, होर्मुज स्ट्रेट और वैकल्पिक मार्गों से तेल का कुल प्रवाह अब करीब 15 मिलियन बैरल प्रति दिन दर्ज हुआ है जो युद्ध से पहले के 20 मिलियन बैरल के करीब है.

ईरान के खिलाफ जंग में उतरा सऊदी अरब, अमेरिका को दे रहा फुल सपोर्ट; इराक बना युद्ध का नया मैदान

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola