ईरान संग अमेरिका और इजरायल का युद्ध तीसरे सप्ताह में पहुंच गया है. ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को उनकी जगह देश का सर्वोच्च नेता चुना गया है, जिस पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाराजगी जाहिर की. इस बीच अब मोजतबा खामेनेई की लोकेशन को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं.
कहां है मोजतबा खामेनेई?
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के उप-विदेश मंत्री इस्माइल बघाई ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि देश का नेतृत्व पूरी तरह एक्टिव है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मैं आपको बता सकता हूं कि वे (मोजतबा खामेनेई) पूरी तरह ठीक हैं. आपने उनका संदेश सुना ही होगा और जल्द ही वे जनता को एक और संदेश देंगे.' मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को ईरान ने पहले ही वाशिंगटन और तेल अवीव द्वारा थोपा गया आक्रामक बताया है.
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अमेरिका-इजरायल ने ईरान पर थोपा युद्ध
इस्माइल बघाई ने कहा, 'आज इस अनुचित आक्रमण का 17वां दिन है. यह स्पष्ट है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर थोपा है.' ईरानी अधिकारी इसे रक्षात्मक कार्रवाई करार देते हैं, जो संप्रभुता की रक्षा के लिए आवश्यक है. युद्ध शुरू होने से ठीक पहले तेहरान वार्ता में लगा था, लेकिन अब राष्ट्रीय सुरक्षा प्राथमिकता है. गौरतलब है कि युद्ध का एक प्रमुख प्रभाव होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ा है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
भारत इस क्षेत्र पर नजर रखे हुए है, क्योंकि कई भारतीय जहाज यहां सक्रिय हैं. बघाई ने पुष्टि की कि एक भारतीय जहाज को पारित करने की अनुमति मिली और वह सुरक्षित भारत पहुंच गया. उन्होंने भारत से घनिष्ठ संबंधों पर जोर देते हुए कहा, 'हम भारत के साथ करीबी रिश्ते साझा करते हैं. दोनों देशों के साझा मूल्य हैं और हम इन संबंधों को मजबूत रखेंगे.' उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध में भागीदार देशों के जहाजों को ईरान निशाना बनाता रहेगा. ईरान का रुख है कि युद्ध सहायता करने वाले जहाजों को अनुमति नहीं मिलेगी.
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