अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष थमने के कोई आसार नहीं दिखाई दे रहे हैं। इस्लामाबाद में बैठकों के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। दोनों देश अपने अपने प्रस्ताव तैयार किए हैं। वहीं दोनों ही देश एक दूसरे के प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। अब ईरान ने फिर अमेरिका के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने वाले 14-सूत्रीय प्रस्ताव पर अभी कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है।
इस पर ईरान की ओर से अब तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि अमेरिकी अधिकारी 24-48 घंटों में जवाब की उम्मीद कर रहे हैं। अमेरिका ने एक पन्ने के 14-सूत्रीय मेमोरेंडम को प्रस्तावित किया है, जिसमें ईरान का परमाणु संवर्धन अस्थायी रूप से रोकना, प्रतिबंधों में ढील और होर्मुज से व्यापार प्रतिबंध हटाना शामिल है।
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वाशिंगटन में कुछ लोग अंतिम डील पर संदेह जता रहे हैं, जबकि पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ इसे स्थायी समाधान की दिशा में देख रहे हैं। ईरान ने प्रस्ताव पर विचार कर रहे होने का संकेत दिया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि कोई भी बातचीत जबरदस्ती के दबाव में नहीं होगी।
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लेकिन ईरान की संसद Majlis के अध्यक्ष मोहम्मद Ghalibaf ने तेहरान और वाशिंगटन के बीच किसी भी होने वाले समझौते की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने ऐसी खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि यह अमेरिका द्वारा गढ़ा गया एक "झूठा मीडिया नैरेटिव" है।
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