अमेरिकी रक्षा विभाग ने मंगलवार को खुलासा किया कि पेंटागन ने यूएस आर्मी की मशहूर 82nd एयरबोर्न डिवीजन के करीब 2,000 सैनिकों को मध्य पूर्व की ओर तैनाती के लिए रवाना करने का आदेश दिया है. दो रक्षा विभाग के अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के साथ नई कूटनीतिक पहल के बीच अतिरिक्त सैन्य विकल्प उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उठाया गया है.
क्या है 82nd एयरबोर्न डिवीजन?
82nd एयरबोर्न डिवीजन अमेरिकी सेना का एक अभिजात वायुसेना इकाई है, जिसे 'ऑल-अमेरिकन' डिवीजन के नाम से जाना जाता है. द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर अफगानिस्तान और इराक जैसे संघर्षों तक इसने अपनी पैराशूट और तेज तैनाती क्षमता से लोहा मनवाया है. इसकी 'इमीडिएट रिस्पॉन्स फोर्स' में करीब 3,000 सैनिक शामिल हैं, जो दुनिया के किसी भी कोने में 18 घंटों के अंदर पहुंच सकते हैं. इस बार रवाना हो रही टुकड़ी में डिवीजन कमांडर मेजर जनरल ब्रैंडन टेग्टमीयर, दर्जनों स्टाफ अधिकारी और दो बटालियनें शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में लगभग 800 सैनिक हैं.
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मिडिल ईस्ट में 7000 जमीनी सैनिक तैनात
यह तैनाती उस समय हो रही है जब संघर्ष की शुरुआत के बाद से मध्य पूर्व भेजे जा चुके अमेरिकी जमीनी सैनिकों की कुल संख्या लगभग 7,000 तक पहुंच चुकी है. इसमें पहले से ही रवाना हो चुके 4,500 मरीन शामिल हैं. पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, 'एपिक फ्यूरी' नामक व्यापक अभियान में फिलहाल मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका में कुल 50,000 सैनिक तैनात हैं. पैराट्रूपर्स का सटीक गंतव्य अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन यह ईरान के हमले की रेंज में होगा.
क्या दुनिया के लिए खुलेगा होमुर्ज?
संभावित लक्ष्यों में फारस की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में स्थित खर्ग द्वीप शामिल है, जो ईरान का प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है. इस महीने अमेरिकी युद्धक विमानों ने यहां 90 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं. इधर, 31st एक्सपीडिशनरी यूनिट के 2,300 मरीन इस हफ्ते मध्य पूर्व पहुंचने वाले हैं. कमांडर इन्हें खर्ग द्वीप पर कब्जा करने या होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसे ईरान ने ज्यादातर व्यावसायिक यातायात के लिए बंद कर दिया है.
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