क्या है भारत का Operation Sindhu? जो ईरान में फंसे भारतीय छात्रों को बचाने के लिए किया शुरू

What is Operation Sindhu: ईरान और इजराइल की जंग के बीच भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है। इस ऑपरेशन के तहत पहला फेज बिना किसी रुकावट के पूरा हो गया है। चलिए जानते हैं कि आखिर भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘ऑपरेशन सिंधु’ है क्या?

What is Operation Sindhu

क्या है 'ऑपरेशन सिंधु' (News24 GFX)

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What is Operation Sindhu: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे मिसाइल और ड्रोन युद्ध की वजह से पूरी दुनिया चिंता में है। इस जंग की शुरुआत 13 जून को इजराइल द्वारा ईरान के तेहरान में कई जगहों पर मिसाइल हमले से हुई है। इसके बाद ईरान ने भी इजराइल पर जवाबी हमला किया। तब से ही ईरान और इजराइल के बीच मिसाइल और ड्रोन के जरिए जंग शुरू हो गई है। हालांकि, ईरान और इजराइल के बीच तनाव और संघर्ष सालों से चल रहा है। लेकिन इस बार हालात काफी खराब हो गए हैं। ईरान के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस जंग में अब तक 585 लोगों की मौत हो गई है। समय के साथ दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। जिसे देखते हुए भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू किया है।

क्या है ‘ऑपरेशन सिंधु’

भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों, खासकर छात्रों, को सुरक्षित बाहर निकालने और भारत वापस लाने के लिए शुरू किया है। भारत सरकार ने 17 जून 2025 से ‘ऑपरेशन सिंधु’ शुरू कर दिया था। साथ ही, ऑपरेशन के पहले फेज में 110 भारतीय छात्रों को भारत पहुंचाया गया है। भारतीय दूतावास की निगरानी में 17 जून को सबसे पहले छात्रों को ईरान के उत्तरी हिस्से से सड़क के रास्ते अर्मेनिया की राजधानी येरेवन ले जाया गया। यहां 18 जून की दोपहर 2.55 बजे सभी छात्रों को स्पेशल फ्लाइट में बैठाया गया। इसके बाद 19 जून की सुबह सभी छात्रों को लेकर विमान नई दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा, जहां विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन ने उनका स्वागत किया। इस 110 छात्रों में से 90 छात्र जम्मू-कश्मीर के हैं।

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तुर्कमेनिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने की तैयारी

भारत सरकार की तरफ से विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन ने साफ कहा कि ईरान समेत दुनिया के किसी भी देश में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भारत सरकार की पहली प्राथमिकता है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि आज एक और विमान तुर्कमेनिस्तान में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए भेजा जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत सरकार के ईरान और आर्मेनिया की सरकारों के साथ अच्छा सहयोग है। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों की सरकारों को इस अभियान में सहयोग देने के लिए धन्यवाद किया है।

दूतावास ने जारी किया इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर

इसके अलावा, भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों और छात्रों के लिए एक आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए बताया कि ईरान में फंसे भारतीय नागरिक और छात्र इन 4 नंबर पर अपनी निकासी के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें भारत के 24×7 कंट्रोल रूम का टोल-फ्री नंबर 1800118797, अन्य संपर्क नंबर +91-11-23012113, व्हाट्सएप के लिए +98 9010445557 और कॉल के लिए +98 9128109115 है।

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बता दें कि ईरान में भारतीय दूतावास ने 15 जून को ही भारतीय नागरिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की थी। इसमें उन्होंने भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे बिना किसी जरूरत के यात्रा न करें। नई अपडेट के लिए दूतावास के सोशल मीडिया से जुड़े रहें और सतर्क रहें।

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