अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को चीन की दो दिवसीय यात्रा समाप्त करते हुए इसे अमेरिका के लिए बड़ी आर्थिक सफलता बताया. उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई वार्ता को 'शानदार व्यापार सौदों' से जोड़ा और दावा किया कि दोनों देशों के बीच कई पुरानी समस्याओं का समाधान निकल आया है. ट्रंप ने बाग में शी के साथ सैर के बाद कहा, 'हमने दोनों देशों के लिए बेहतरीन व्यापार सौदे किए हैं. ऐसी समस्याओं को सुलझाया है जिन्हें दूसरे नेता शायद हल ही न कर पाते.'
200 बोइंग विमान खरीदेगा चीन?
ट्रंप अनुसार चीन ने 200 बोइंग विमानों की खरीद पर सहमति जताई है, साथ ही भविष्य में सैकड़ों और विमान खरीदने की संभावना है. इसके अलावा अरबों डॉलर के सोयाबीन, तेल, कृषि उत्पाद और चिकित्सा उपकरणों की खरीद का भी जिक्र किया. हालांकि वॉशिंगटन के इन व्यापक दावों के विपरीत चीनी पक्ष ने अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की है. विदेश मंत्रालय ने पत्रकारों के सवालों पर न तो इन सौदों की पुष्टि की और न ही इंकार. बीजिंग की इस संयमित प्रतिक्रिया ने शिखर सम्मेलन की एक अहम विशेषता बन गई.
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सामरिक मुद्दे पर भी प्रगति का दावा
व्यापार के अलावा ट्रंप ने सामरिक मुद्दे पर भी प्रगति का दावा किया. उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग ने हार्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में मदद की इच्छा जताई है. ईरान से जुड़े तनाव के बीच यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए साक्षात्कार में बताया कि शी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि चीन ईरान को सैन्य सहायता नहीं दे रहा है. चीनी विदेश मंत्रालय ने बाद में सामान्य बयान जारी कर कहा कि शिपिंग लेन जल्द से जल्द खोले जाने चाहिए, लेकिन ट्रंप के दावों की सीधे पुष्टि नहीं की.
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चीन की चुप्पी पर उठे सवाल
यात्रा समाप्त होने के समय ट्रंप ने एयर फोर्स वन में कहा कि 200 विमानों का सौदा सफल रहा तो आगे 750 तक जा सकता है. चीन की चुप्पी के बावजूद अमेरिकी प्रशासन इन दावों पर भरोसा जताता रहा. दोनों देशों के बीच यह मुलाकात वैश्विक अर्थव्यवस्था और भू-राजनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है.
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