अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर खत्म होने का समय जैसे-जैसे करीब आ रहा है, दुनिया पर युद्ध का खतरा मंडराने लगा है. इस नाजुक घड़ी में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने दोनों देशों से शांति की अपील की है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने दोनों मुल्कों से अनुरोध किया है कि सीजफायर को 14 दिनों के लिए और बढ़ा देना चाहिए. उन्होंने तर्क दिया है कि कूटनीति और बातचीत को एक और मौका दिया जाना चाहिए ताकि मासूमों की जान बचाई जा सके. पाकिस्तान फिलहाल दोनों देशों के बीच बिगड़ते हालातों को संभालने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है.
बातचीत पर संशय के बादल
इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अभी तक भारी सस्पेंस बना हुआ है. चर्चा थी कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुवाई में एक दल पाकिस्तान पहुंच रहा है, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार का कहना है कि वे ईरान की ओर से हामी भरने का इंतजार कर रहे हैं. पाकिस्तान लगातार ईरान के संपर्क में है और उसे बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहा है. हालांकि दोनों देशों के बीच बढ़ते अविश्वास की वजह से वार्ता की उम्मीदें फिलहाल धुंधली नजर आ रही हैं.
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ईरान का कड़ा रुख
दूसरी तरफ ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि उसकी कोई भी टीम अभी तक बातचीत के लिए इस्लामाबाद नहीं पहुंची है. ईरानी मीडिया के मुताबिक कोई भी आधिकारिक या अनौपचारिक डेलिगेशन पाकिस्तान नहीं गया है और चल रही खबरें पूरी तरह गलत हैं. ईरान का कहना है कि वह धमकी भरे माहौल में किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा. उसने शर्त रखी है कि अमेरिका को पहले अपना पुराना रवैया बदलना होगा, तभी बातचीत की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. ईरान की इस सख्त चेतावनी ने शांति की कोशिशों को बड़ा झटका दिया है जिससे तनाव चरम पर पहुंच गया है.
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ट्रंप की चेतावनी और खतरा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे सीजफायर की अवधि को आगे बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार यह सीजफायर अमेरिकी समय के मुताबिक बुधवार रात आठ बजे तक ही लागू रहेगा. इसका मतलब है कि गुरुवार सुबह तक दोनों देशों को किसी ठोस नतीजे पर पहुंचना होगा, वरना युद्ध दोबारा शुरू हो सकता है. ईरान भी अपनी तरफ से युद्ध की पूरी तैयारी कर चुका है और पीछे हटने को तैयार नहीं है. अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या आखिरी समय में कोई चमत्कार होगा या विनाशकारी जंग शुरू हो जाएगी.
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