India-Pakistan Relationship: भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के उस बयान पर टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने फिर से बातचीत शुरू करने की पेशकश की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमने उनके बयान देखे हैं। भारत का रुख स्पष्ट है। हम सभी देशों के साथ बेहतर संबंध रखना चाहते हैं, वह भले पाकिस्तान क्यों न हो। लेकिन दोनों देशों के बीच किसी भी बातचीत के लिए आतंकवाद और शत्रुता से मुक्त वातावरण का होना अनिवार्य है।
दरअसल, बीते मंगलवार एक अगस्त को शहबाज शरीफ ने कहा कि दोनों देश तब तक सामान्य पड़ोसी नहीं हो सकते हैं, जब तक गंभीर मुद्दों को सार्थक चर्चा के माध्यम से हल नहीं किया जाता।
2008 के बाद रिश्तों में आई तल्खी
भारत सरकार का रुख पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट है। कई बार भारत ने कहा है कि पाकिस्तान को आतंकवाद और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए अपनी जमीन का उपयोग नहीं करने देना चाहिए। 2008 में मुंबई हमलों के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव आया है।
2019 में पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत बंद है। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले के बीच एक आत्मघाती ने खुद को विस्फोट कर उड़ा लिया था। इस हमले में 40 सैनिक शहीद हुए थे। इसके बाद दोनों देश युद्ध के करीब आ गए थे।
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