भारत की तरह अमेरिका में भी वोट चोरी बहुत बड़ा मुद्दा है, इसलिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडटर्म चुनाव 2026 से पहले वोटर फ्रॉड को लेकर बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने घोषणा की है कि वोट चोरी करने वाले का सुराग और सबूत देने पर 10 लाख डॉलर यानी एक मिलियन डॉलर यानी 9 करोड़ रुपये का इनाम दिया जाएगा. अमेरिका के सियासी गलियारों में आजकल चुनावों में पारदर्शिता, राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन और संसद पर कंट्र्रोल को लेकर चर्चा है, इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने वोट चोरी के खिलाफ इनाम की घोषणा करके चौंका दिया है. उन्होंने कहा है कि जो उन्हें पिछले या आगामी चुनाव में वोट चोरी के सबूत देगा, उसे इनाम मिलेगा. वोट चोरी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करके सख्त सजा भी दिलाई जाएगी.
डोनाल्ड ट्रंप ने लिखी ट्रुथ सोशल अकाउंट पोस्ट
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट लिखी, जिसमें घोषणा की गई है कि अमेरिका में पिछले कुछ साल में हुए चुनाव या आगामी मिडटर्म इलेक्शन में वोटर फ्रॉड हुए हैं, लेकिन जो इसके सबूत देगा, उसे 10 लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा. लेकिन इनाम तभी मिलेगा, जब दिए गए सुराग से वोट चोरी का अपराध सही साबित होगा. ट्रंप ने पोस्ट में यह क्लीयर नहीं किया कि इनाम कौन देगा और कहां से दिया जाएगा, लेकिन उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि वे वोट चोरी के खिलाफ अभियान में सरकार का सहयोग करें. क्योंकि पिछले कई साल से वोटर फ्रॉड हो रहे हैं और जो दुनिया में नहीं हैं, उनके वोट भी डाले जा रहे हैं, इस वजह से वे चुनाव जीते जा रहे हैं, जिनके जीतने की उम्मीद नहीं के बराबर है.
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव क्यों कराए जाते हैं?
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव 3 नवंबर 2026 को होंगे और राष्ट्रपति ट्रंप पत्नी मेलानिया के साथ पहले ही वोट डाल चुके हैं. यह चुनाव निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों और सीनेट की एक-तिहाई सीटों को भरने के लिए कराए जाते हैं. इन चुनाव से राज्यों के गवर्नर भी चुने जाते हैं और राष्ट्रपति के कार्यकाल के पहले 2 साल के बाद चुनाव कराए जाते हैं, ताकि जनता राष्ट्रपति और सरकार के 2 साल के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड पेश करे. इन चुनाव के जरिए विपक्षी दल संसद के दोनों सदनों पर काबिज हो सकता है, क्योंकि अगर जनता राष्ट्रपति से नाराज होगी तो बहुमत देकर विपक्षी दल को संसद की कमान सौंप सकती है. ऐसा हुआ तो ट्रंप सरकार के लिए अगले 2 साल तक काम करना मुश्किल हो जाए और वे पंगु हो जाएंगे.
चुनाव जीतने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप ने किए वादे
बता दें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से वोट चोरी के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और वोटर फ्रॉड का मुद्दा हर चुनाव में उठाते रहे हैं. इस बार भी उन्होंने वोट चोरी के खिलाफ कानून बनाने का दावा किया है. उन्होंने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए. इसके अलावा ट्रंप ने कई चुनावी वादे किए हैं, जैसे अगर उनकी रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस यानी संसद के दोनों सदनों में बहुमत बरकरार रखती हो तो प्रत्येक वयस्क अमेरिकी नागरिक को 5000 डॉलर दिए जाएंगे. नॉर्थ कैरोलिना के सैन्य अड्डे पर दूषित पानी की चपेट में आने से बीमार पड़े पूर्व सैनिकों को मुआवजे का मुद्दा भी सुलझाया जाएगा. वैसे बता दें कि अमेरिका का इतिहास रहा हे कि सत्ताधारी दल मिडटर्म चुनाव हारते हैं और विपक्ष संसद यानी कांग्रेस पर राज करता.