अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्मसिद्ध नागरिकता, आसान भाषा में कहें तो बच्चे के पैदा होते ही उसे मिलने वाली नागरिकता के मुद्दे पर एक बार फिर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का ऐलान किया है. ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले को 'न्याय की विफलता' बताया और कहा कि वह इस मामले में तत्काल पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे. उनका कहना है कि मौजूदा व्यवस्था का गलत इस्तेमाल हो रहा है और इससे अमेरिकी नागरिकता एक तरह से 'खरीदी' जा सकती है.
डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला दावा
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका की दक्षिणी सीमा और मैक्सिको के कई इलाकों में ऐसे विज्ञापन लगाए जा रहे हैं, जिनमें अमेरिका में बच्चे के जन्म के जरिए नागरिकता दिलाने का प्रचार किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन विज्ञापनों में करीब 4,000 डॉलर में प्रसव कराने की बात कही जा रही है, जिससे नवजात को अपने आप ही अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है.
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'अमेरिकी नागरिकता बिक्री के लिए नहीं'
डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार, यह एक ऐसा 'धंधा' बन चुका है, जिसके जरिए न केवल बच्चे को बल्कि बाद में पूरे परिवार को भी अमेरिका में बसने का रास्ता मिल जाता है. उन्होंने कहा, 'अमेरिकी नागरिकता बिक्री के लिए नहीं है.' ट्रंप का मानना है कि अगर इस व्यवस्था पर रोक नहीं लगी तो यह अमेरिका की इमिग्रेशन सिस्टम पर गंभीर बोझ डाल सकती है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत बताते हुए कहा कि इस पर तत्काल दोबारा सुनवाई होनी चाहिए.
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सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया था फैसला
गौरतलब है कि हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए जन्मसिद्ध नागरिकता के सिद्धांत को बरकरार रखा था. अदालत ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों को, चाहे उनके माता-पिता अवैध रूप से रह रहे हों या अस्थायी वीजा पर हों, संविधान के 14वें संशोधन के तहत अमेरिकी नागरिकता का अधिकार प्राप्त होगा.
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