Court Stay on Trump Order on Birthright Citizenship: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिक की संघीय न्यायाधीश ने बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप के जन्मजात नागरिकता को लेकर जारी किए गए कार्यकारी आदेश पर रोक लगा दी है। अमेरिका के जिला न्यायाधीश जॉन कफनॉर ने एक अस्थायी आदेश जारी करके ट्रंप प्रशासन को इस आदेश को लागू करने से रोक दिया और आदेश उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
सिएटल की संघीय न्यायाधीश ने ट्रंप के आदेश को स्पष्ट रूप से असंवैधानिक करार दिया। 4 डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्यों से ट्रम्प के इस आदेश को रोकने का अनुरोध किया था। उन्होंने अपनी याचिका में दावा किया कि यह आदेश अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन का उल्लंघन करता है। याचिका पर सुनवाई करके दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आदेश पर रोक लगा दी। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने गुरुवार को अपने लेख में कोर्ट के इस आदेश की पुष्टि की।
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शपथ लेते ही ट्रंप ने साइन किया था आदेश
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, 20 जनवरी 2025 को डोनाल्ड ट्रंप ने दूसरी बार अमेरिका के राष्ट्रपति का पदभार संभाला। वे अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बने हैं। पद संभालते ही उन्होंने करीब 200 फैसले लिए और कई एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किए, जिनमें एक आदेश अमेरिका की जन्मजात नागरिकता से भी जुड़ा था।
शपथ ग्रहण के बाद रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी एजेंसियों को आदेश दिया कि वे अमेरिका में जन्मे ऐसे बच्चों की नागरिकता को मान्यता देने से इंकार कर दें, जिनके माता या पिता अमेरिका के नागरिक या कानूनी रूप से अमेरिका के स्थायी निवासी नहीं हैं, लेकिन उनके विरोधियों ने इस आदेश को कोर्ट में चैलेंज किया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेतृत्व वाले राज्य वाशिंगटन, एरिजोना, इलिनोइस, ओरेगन और नागरिक अधिकार समूह ट्रंप के आदेश के खिलाफ कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने संघीय न्यायाधीश के जज से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर तुरंत रोक लगाएं। आदेश पर प्रतिबंध लगाते हुए जस्टिस कफनौर ने कहा कि ट्रंप का आदेश स्पष्ट रूप से असंवैधानिक आदेश है।
ट्रंप को संवैधानिक अधिकार छीनने का हक नहीं
रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के द्वारा कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन, अप्रवासी संगठनों और एक गर्भवती मां ने कोर्ट में मामले दायर किए। मैसाचुसेट्स अटॉर्नी जनरल एंड्रिया जॉय कैंपबेल ने कहा कि अगर ट्रंप के आदेश को बरकरार रखा जाता है तो पहली बार अमेरिका में हर साल पैदा होने वाले 150000 से अधिक बच्चों को नागरिकता के अधिकार से वंचित किया जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप के पास संवैधानिक अधिकारों को छीनने का अधिकार नहीं है। ट्रंप द्वारा जन्मसिद्ध नागरिकता पर प्रतिबंध लगाने के आदेश के बाद प्रतिबंध की समय-सीमा से पहले अमेरिका में जन्म देने की होड़ मच गई। भारतीय दम्पति 20 फरवरी से पहले सी-सेक्शन प्रसव के लिए डॉक्टरों को फोन कर रहे थे और प्रसूति क्लीनिकों पर लाइन में खड़े हो रहे थे। एक आदेश में पूरे देश और दुनिया में खलबली मचा दी है।
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