US Midterm Election: अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में कौन-कौन किस्मत आजमा रहे भारतीय मूल के दिग्गज?

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. कांग्रेस से लेकर गवर्नर पद तक, रो खन्ना और विवेक रामास्वामी जैसे कई बड़े चेहरे चुनावी रण में किस्मत आजमा रहे हैं. जानिए किन राज्यों में टिकी हैं सबकी निगाहें और क्यों खास हैं ये मुकाबले.

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अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है. CREDIT - : Screengrab / IMDb

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. इस बार का मुकाबला भारतीय समुदाय के लिए बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस, गवर्नरशिप और अहम सरकारी पदों के लिए भारतीय मूल के कई दिग्गज मैदान में अपनी ताकत दिखा रहे हैं. भारतीय मूल के नेता अमेरिका के कई बड़े और रणनीतिक राज्यों कैलिफोर्निया, वाशिंगटन, वर्जीनिया, एरिजोना, फ्लोरिडा, टेक्सास, ओहियो, न्यूयॉर्क और मैरीलैंड में अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रहे हैं.

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क्या हैं मिडटर्म चुनाव और दांव पर क्या?

अमेरिका में राष्ट्रपति के 4 साल के कार्यकाल के ठीक बीच में मिडटर्म चुनाव कराए जाते हैं. इस साल अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी ‘हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स’ की सभी 435 सीटों पर मुकाबला है. वहीं, सीनेट की कुल 100 में से 35 सीटों के लिए वोट डाले जाएंगे. सीनेट की इन सीटों में ओहायो और फ्लोरिडा के विशेष मुकाबले भी शामिल हैं.

सिलिकॉन वैली से रो खन्ना की दावेदारी

डेमोक्रेटिक सांसद रो खन्ना कैलिफोर्निया के 17वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से एक बार फिर संसद पहुंचने की तैयारी में हैं, जिसमें सिलिकॉन वैली का हिस्सा शामिल है. पार्टी के प्रोग्रेसिव खेमे से आने वाले खन्ना स्वतंत्रता सेनानी अमरनाथ विद्यालंकार के पोते हैं, जो महात्मा गांधी के साथ जेल गए थे. खन्ना लगातार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं. उनका दावा है कि डेमोक्रेट्स 2026 के मिडटर्म और 2028 के राष्ट्रपति चुनावों में जीत हासिल करेंगे.

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ओहियो में गवर्नर की रेस में विवेक रामास्वामी

केरल मूल के माता-पिता के बेटे विवेक रामास्वामी रिपब्लिकन पार्टी के टिकट पर ओहियो के गवर्नर पद की दौड़ में हैं. मई 2026 में ट्रंप के समर्थन से रिपब्लिकन प्राइमरी जीतने वाले रामास्वामी 2024 की राष्ट्रपति पद की दौड़ का हिस्सा भी रहे थे. डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (DOGE) के पूर्व को-चेयर रामास्वामी की संपत्ति फोर्ब्स के अनुसार लगभग 2.5 बिलियन डॉलर आंकी गई है.

प्रमिला जयपाल और अमी बेरा फिर मैदान में

वाशिंगटन के 7वें डिस्ट्रिक्ट से प्रमिला जयपाल फिर से चुनाव लड़ रही हैं. वे 2017 से सांसद हैं और अमेरिकी संसद के निचले सदन में चुनी जाने वाली पहली भारतीय-अमेरिकी महिला हैं. हाल ही में उन्होंने चुनावी प्रक्रियाओं को लेकर बयान दिया था, जिसे भारत ने खारिज कर दिया था.

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वहीं, कैलिफोर्निया के तीसरे डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेट अमी बेरा भी अपनी सीट बचाने उतरे हैं. गुजराती मूल के बेरा अमेरिकी संसद में चुने जाने वाले तीसरे भारतीय-अमेरिकी हैं और पूर्व में भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े कांग्रेसनल कॉकस के सह-अध्यक्ष भी रह चुके हैं.

इतिहास रचने वाले सुहास सुब्रमण्यम फिर मैदान में

वर्जीनिया से डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद सुहास सुब्रमण्यम दोबारा अपनी सीट जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं. साल 2024 में वर्जीनिया और ईस्ट कोस्ट से अमेरिकी कांग्रेस में चुने जाने वाले वे पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे. सुहास के पिता चेन्नई और मां बेंगलुरु से हैं. वे भारत को दुनिया के सबसे अहम लोकतंत्रों में से एक मानते हैं.

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न्यूयॉर्क में सरिता कोमाटिरेड्डी की कड़ी टक्कर

रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से सरिता कोमाटिरेड्डी न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद की दौड़ में हैं. पूर्व अभियोजक (प्रॉसिक्यूटर) कोमाटिरेड्डी के पास अल-कायदा, आईएसआईएस और मैक्सिकन ड्रग कार्टेल जैसे अंतरराष्ट्रीय गिरोहों से जुड़े केस संभालने का एक दशक से ज्यादा का तगड़ा अनुभव है. वे इंटरनेशनल नारकोटिक्स, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबरक्राइम जैसे संवेदनशील विभागों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुकी हैं.

लॉस एंजिल्स मेयर पद की रेस में नित्या रमन

लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल की सदस्य और अर्बन प्लानर नित्या रमन इस बार मेयर पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं. 2020 में काउंसिल में पहुंचने वाली वे पहली एशियाई-अमेरिकी महिला और दक्षिण एशियाई बनी थीं. बेघर लोगों की मदद से जुड़े अभियानों में सक्रिय रहीं नित्या रमन ने मार्च 2024 में दूसरा कार्यकाल भी जीता था.

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पूजा सेठी, पिया डांडिया और अमिश शाह में कड़ा मुकाबला

  • टेक्सास: पेशे से वकील पूजा सेठी टेक्सास हाउस डिस्ट्रिक्ट 47 से मैदान में हैं. वहीं, डिस्ट्रिक्ट 66 से बिजनेसमैन और सामाजिक कार्यकर्ता संदीप श्रीवास्तव रिपब्लिकन पार्टी के पांच बार के विधायक को सीधी चुनौती दे रहे हैं.
  • फ्लोरिडा: फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से पूर्व हाई स्कूल प्रिंसिपल पिया डांडिया डेमोक्रेटिक उम्मीदवार के तौर पर रिपब्लिकन केसी असकर को टक्कर दे रही हैं.
  • एरिज़ोना: डॉक्टर और पूर्व स्टेट रिप्रेजेंटेटिव अमिश शाह डिस्ट्रिक्ट 1 से डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर उतरे हैं, जहां उनका मुकाबला डोनाल्ड ट्रंप समर्थित जे फीली से है

यह भी पढ़ें : क्या हैं अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन, क्यों कराए जाते हैं और हार-जीत का ट्रंप के भविष्य पर क्या पड़ेगा असर?

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

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विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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