US Iran Nuclear Talks: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कायम है। ईरान के साथ परमाणु वार्ता को लेकर अमेरिका का नया बयान भी सामने आया है। अमेरिका ने ईरान में 50 और फाइटर जेट विमान तैनात कर दिए हैं, जिसमें F-22, F-35 और F-16 विमान शामिल हैं। वहीं अमेरिका के अधिकारियों का कहना है कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता पर प्रोगेस हुई है। अगले 15 दिन में ईरान डिटेल प्रपोजल लेकर बातचीत करने के लिए वापस आएगा और फिर डिटेल में बातचीत होगी।

ईरान की परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करने की चेतावनी

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हाई-स्टेक न्यूक्लियर टॉक जारी है, लेकिन ईरान के राष्ट्रपति ने दोटूक शब्दों में कहा दिया है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं करेगा। वहीं अमेरिका के दूत स्टीव विटकॉफ और प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर ने मंगलवार को जिनेवा में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की। उन्होंने न्यूक्लियर डील पर अगले राउंड की बातचीत में समझदारी से काम लेने की सलाह ईरान को दी और जून 2025 के B-2 बॉम्बर हमले की याद भी दिलाई।

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अली खामेनेई की अमेरिका को परमाणु हमले की धमकी

वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सबसे ताकतवर मिलिट्री भी बुरी तरह खत्म हो सकती है। X पर कई भड़काऊ पोस्ट लिखकर खामेनेई ने अमेरिकन प्रेसिडेंट के बार-बार किए जाने वाले दावों को चुनौती देते हुए कहा कि अमेरिकन प्रेसिडेंट कहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री फोर्स है, लेकिन दुनिया की सबसे ताकतवर मिलिट्री फोर्स पर कभी-कभी इतना जोरदार हमला हो सकता है कि वह फिर उठ न सके।

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अमेरिका ने तैनात किए 50 और फाइटर जेट और सैनिक

अली खामेनेई ने कहा कि अमेरिका कहता है कि उन्होंने ईरान की तरफ 2 विशालकाय वॉरशिप भेजे हैं। बेशक दोनों वॉरशिप अमेरिका की मिलिट्री का सबसे खतरनाक हथियार हैं, लेकिन उस वॉरशिप से भी ज्यादा खतरनाक हथियार भी है, जो उस वॉरशिप को समुद्र की गहराई में दफन कर सकता है। दूसरी ओर खामेनेई की धमकी के बाद ट्रंप सरकार ने मध्य पूर्व में करीब 50 फाइटर जेट और तैनात कर दिए, जिनके साथ हवा में ही ईंधन भरने वाले विमान भी अरब सागर में पहुंच गए हैं।

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जिनेवा में दूसरे दौर की बातचीत में नहीं निकला नतीजा

बता दें जिनेवा में मंगलवार को हुई अमेरिका-ईरान बातचीत में ठोस कुछ नहीं निकला। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दोनों देशों में संभावित समझौते के सिद्धांतों को फ्रेम करने और एक बार फिर मिलने पर सहमति बनी है। अमेरिकी उप राष्ट्रपति वेंस ने कहा कि अमेरिका युद्ध रोकने की अपनी शर्त पर कायम है और यह शर्त ईरान के द्वारा परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को रोकने और बैलिस्टिक मिसाइलों की सीमा को 2000 किलोमीटर तक सीमित करने की हैं, जिसे मानना ही होगा।