अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हस्ताक्षर होंगे। वहीं समझौते पर साइन करने से पहले जहां ईरान ने 3 शर्तें रखी हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 60 दिन में परमाणु समझौता नहीं करने पर फिर से हमला करने की धमकी है। पहले फेज के समझौते के तहत दोनों देशों के बीच 14 मुद्दों पर सहमति बनी है। कुछ मुद्दों पर पेंच फंसा है, जिन पर 60 दिन के युद्धविराम के दौरान सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।
ईरान की हस्ताक्षर से पहले 3 शर्तें
ईरान-अमेरिका में हुए समझौते का डॉक्यूमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन समझौता ज्ञापन (MoU) में अहम पॉइंट शामिल हैं। जिनमें मिडिल ईस्ट में युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को हटाना, ईरान के फ्रीज फंड जारी करना, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अगले 60 दिन की बातचीत का ढांचा तय करना शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के अनुसार, शुरुआती MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद 60 दिन में होने वाली अमेरिका-ईरान की वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका 3 वादे नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना और ईरान के फ्रीज फंड जारी करना, पूरे करता है या नहीं।
US-ईरान MoU के 14 बड़े पॉइंट
1. ईरान, लेबनान, होर्मुज और मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद होंगी।
2. अमेरिका और इजरायल फिर से हमला करने या कोई नया युद्ध शुरू नहीं करने की गारंटी देंगे।
3. अमेरिका को इजरायल की ओर से भी ईरान की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।
4. होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी सेना, अमेरिकी युद्धपोत और नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी।
5. ईरान के जहाजों, बंदरगाहों और समुद्री व्यापार पर लगी पाबंदियां खत्म की जाएंगी।
6. 30 दिन के अंदर होर्मुज के समुद्री व्यापार को पहले की तरह बहाल किया जाएगा।
7. होर्मुज स्ट्रेट को बिना कोई फीस वसूले दोबारा से पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
8. ईरान के करीब 24 बिलियन डॉलर के फ्रीज फंड अमेरिक को जारी करनी होंगे।
9. ईरान के फ्रीज फंड की आधी रकम अमेरिका को बातचीत शुरू होने से पहले लौटानी होगी।
10. ईरान पर लगे प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिका बातचीत करेगा।
11. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन 60% एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर आगे बातचीत होगी।
12. 60 दिन की बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर समझौते की कोशिश होगी।
13. अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान को युद्ध से हुए नुकसान का पुनर्निर्माण करने के लिए $300 बिलियन देंगे।
14. ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और दूसरे अमेरिका विरोधी समूहों के समर्थन को चर्चा से बाहर रखा जाएगा।
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