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US-ईरान समझौते की 14 बड़ी शर्तें, डील से तेहरान को क्या-क्या मिला, किन मुद्दों पर बनी सहमति और कहां फंसा पेंच?

US Iran Deal Conditions: मिडिल ईस्ट में शांति स्थापना के लिए अमेरिका और ईरान के बीच 14 पॉइंट्स पर सहमति बनी है, वहीं कुछ मुद्दों पर पेंच फंसा भी है। इजरायल ने लेबनान वाली शर्त रिजेक्ट कर दी है। इधर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने परमाणु समझौता नहीं करने पर हमले की धमकी ईरान को दी है।

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है, जिस पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हस्ताक्षर होंगे। वहीं समझौते पर साइन करने से पहले जहां ईरान ने 3 शर्तें रखी हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने 60 दिन में परमाणु समझौता नहीं करने पर फिर से हमला करने की धमकी है। पहले फेज के समझौते के तहत दोनों देशों के बीच 14 मुद्दों पर सहमति बनी है। कुछ मुद्दों पर पेंच फंसा है, जिन पर 60 दिन के युद्धविराम के दौरान सहमति बनाने का प्रयास किया जाएगा।

ईरान की हस्ताक्षर से पहले 3 शर्तें

ईरान-अमेरिका में हुए समझौते का डॉक्यूमेंट अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन समझौता ज्ञापन (MoU) में अहम पॉइंट शामिल हैं। जिनमें मिडिल ईस्ट में युद्ध और सैन्य कार्रवाई रोकना, होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना, अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को हटाना, ईरान के फ्रीज फंड जारी करना, परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अगले 60 दिन की बातचीत का ढांचा तय करना शामिल है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी के अनुसार, शुरुआती MoU पर हस्ताक्षर होने के बाद 60 दिन में होने वाली अमेरिका-ईरान की वार्ता इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका 3 वादे नौसैनिक नाकेबंदी खत्म करना, युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयों को रोकना और ईरान के फ्रीज फंड जारी करना, पूरे करता है या नहीं।

गुड न्यूज! मिडिल ईस्ट की जंग खत्म, अमेरिका-ईरान में शांति समझौता हुआ पूरा, जानें कब से खुलेगी होर्मुज स्ट्रेट?

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US-ईरान MoU के 14 बड़े पॉइंट

1. ईरान, लेबनान, होर्मुज और मिडिल ईस्ट में सभी मोर्चों पर अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तुरंत बंद होंगी।
2. अमेरिका और इजरायल फिर से हमला करने या कोई नया युद्ध शुरू नहीं करने की गारंटी देंगे।
3. अमेरिका को इजरायल की ओर से भी ईरान की सुरक्षा की गारंटी देनी होगी।
4. होर्मुज स्ट्रेट से अमेरिकी सेना, अमेरिकी युद्धपोत और नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाएगी।
5. ईरान के जहाजों, बंदरगाहों और समुद्री व्यापार पर लगी पाबंदियां खत्म की जाएंगी।
6. 30 दिन के अंदर होर्मुज के समुद्री व्यापार को पहले की तरह बहाल किया जाएगा।
7. होर्मुज स्ट्रेट को बिना कोई फीस वसूले दोबारा से पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
8. ईरान के करीब 24 बिलियन डॉलर के फ्रीज फंड अमेरिक को जारी करनी होंगे।
9. ईरान के फ्रीज फंड की आधी रकम अमेरिका को बातचीत शुरू होने से पहले लौटानी होगी।
10. ईरान पर लगे प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के प्रतिबंध हटाने के लिए अमेरिका बातचीत करेगा।
11. ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन 60% एनरिच्ड यूरेनियम के मुद्दे पर आगे बातचीत होगी।
12. 60 दिन की बातचीत में परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और पुनर्निर्माण जैसे मुद्दों पर समझौते की कोशिश होगी।
13. अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान को युद्ध से हुए नुकसान का पुनर्निर्माण करने के लिए $300 बिलियन देंगे।
14. ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और दूसरे अमेरिका विरोधी समूहों के समर्थन को चर्चा से बाहर रखा जाएगा।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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