Donald Trump News: अमेरिका की अपीलीय अदालत ने राष्ट्रपति ट्रंप को बड़ा झटका दिया है. फेडरल रिजर्व गवर्नर लीसा कुक को हटाने का आदेश खारिज कर दिया है. अदालत का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास ऐसा करने का अधिकार नहीं है. बता दें कि राष्ट्रपति ट्रंप ने लीसा कुक पर मॉर्गेज धोखाधड़ी के आरोप लगाए हैं, जिन्हें लीसा कुक ने बेबुनियाद करार दिया. यह मामला फेडरल के लिए अहम माना जा रहा है.
वहीं अब कोर्ट का फैसला आने के बाद लीसा कुक नीतिगत बैठकों में हिस्सा लेंगी, जबकि ट्रंप प्रशासन फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी में है. बता दें कि फेडरल रिजर्व ब्याज दर को कम करने या बढ़ाने पर विचार करने और कोई फैसला लेने के लिए आज और कल एक अहम बैठक करेगा, जिसका व्यापक असर अमेरिका समेत भारत की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा. अब यह बैठक लीसा कुक की निगरानी में होगी.
ट्रंप ने क्यों हटाया था लीसा को?
बता दें कि अगस्त 2025 में राष्ट्रपति ट्रंप ने लीसा कुक को पद से हटाने का आदेश दिया था. लीसा फेडरल रिजर्व की गवर्नर हैं, लेकिन राष्ट्रपति ने उन पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए थे. लीसा कुक पर लोन फ्रॉड के आरोप थे. लोन लेते समय दिए गए दस्तावेजों में प्रॉपर्टी संबंधी हेर-फेर करने का आरोप था. राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें पद से हटाने का आदेश जारी करके उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए थे.
मॉर्गेज फ्रॉड का विवाद क्या है ?
बता दें कि लीसा कुक फेडरल रिजर्व गवर्नर के पद पर नॉमिनेट हुई थीं. उन्हें पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने नॉमिनेट किया था. वहीं कमला हैरिस के वोट से वे चुनाव जीती थीं. मई 2022 में लीसा पद पर हैं. सितंबर 2023 में उनका कार्यकाल बढ़ाकर साल 2038 तक कर दिया गया था] लेकिन अगस्त 2025 में वे राष्ट्रपति ट्रंप के एक आदेश का शिकार बन गईं. उन पर मॉर्गेज फ्रॉड के आरोप लगे और राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें पद से हटा दिया.