अखंड भारत के गौरव और प्राचीन काल में ज्ञान के सबसे बड़े केंद्र रहे ‘तक्षशिला’ को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. संयुक्त राष्ट्र की सांस्कृतिक संस्था यूनेस्को (UNESCO) ने इस प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहर के साथ हो रही छेड़छाड़ को लेकर पाकिस्तान सरकार को कड़ी फटकार लगाई है. यूनेस्को ने साफ चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने अपनी गलतियों को नहीं सुधारा, तो तक्षशिला को ‘खतरे में पड़े विश्व धरोहरों’ की सूची में डाल दिया जाएगा.
क्यों भड़का UNESCO?
विवाद की शुरुआत पाकिस्तान के पुरातत्व और संग्रहालय विभाग द्वारा तक्षशिला परिसर के ‘सिरकप’ और ‘मोहरा मोरादु’ जैसे अहम स्मारकों में किए गए संरक्षण से हुई. पाकिस्तानी मीडिया ‘डॉन’ के मुताबिक, पाकिस्तान ने संरक्षण के नाम पर प्राचीन और अनियमित आकार के ऐतिहासिक पत्थरों की दीवारों को हटाकर वहां आधुनिक पॉलिशदार ईंटें और सीमेंट लगा दिया. कुछ पर्यटकों ने इस आधुनिक चिनाई और दीवारों की ऊंचाई बढ़ाने की तस्वीरें यूनेस्को के पेरिस मुख्यालय में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि को भेज दीं, जिसके बाद यह पूरा मामला खुला.
यह भी पढ़ें : ‘भारत-पाकिस्तान में हो बातचीत’, 100 दिग्गजों ने PM मोदी और शहबाज शरीफ को लिखा खुला पत्र
यूनेस्को का कहना है कि पाकिस्तान की इस ‘गैर-जरूरी दखलंदाजी’ ने इस वैश्विक धरोहर की मौलिकता और अखंडता को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के पूरी तरह खिलाफ है.
पाकिस्तान का बचाव – हमने संरक्षण किया है
इस भारी विवाद के बीच, पाकिस्तान के पंजाब पुरातत्व विभाग के महानिदेशक मलिक जहीर अब्बास ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उन्होंने दावा किया कि ऐतिहासिक दीवारों को गिरने से बचाने के लिए केवल कंजर्वेशन किया गया है, कोई नया रिकंस्ट्रक्शन नहीं हुआ है.
यह भी पढ़ें : ‘संधि टूटी तो…’, सिंधु जल समझौते पर एक बार फिर पाकिस्तान ने दी भारत को गीदड़ भभकी
क्यों खास है तक्षशिला?
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में इस्लामाबाद से करीब 35 किलोमीटर दूर स्थित तक्षशिला का इतिहास भारतीय उपमहाद्वीप की साझा वैदिक और बौद्ध सभ्यता से जुड़ा है. इसका जिक्र रामायण, महाभारत और कई प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में मिलता है. यह दुनिया के सबसे शुरुआती उच्च शिक्षा केंद्रों में से एक था, जहां आचार्य चाणक्य और महान चिकित्सक चरक जैसे विद्वानों ने शिक्षा दी और प्राप्त की. 316 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने इस क्षेत्र को जीतकर इसे मौर्य साम्राज्य का हिस्सा बनाया था. यहां मौर्य, इंडो-ग्रीक, कुषाण और गुप्त काल के ऐतिहासिक अवशेष मौजूद हैं. इसे 1980 में यूनेस्को ने विश्व धरोहर घोषित किया था.
संबंधित खबरें
क्या ट्रंप को सचमुच मिल सकता है नोबेल पीस प्राइज? जानिए कितनी है संभावना
27 mins ago'मैंने 8 युद्ध खत्म कराए' ट्रंप ने फिर ठोकी नोबेल पीस प्राइज की दावेदारी
7 hrs agoनक्शे से ईरान को मिटाने के चक्कर में US को करोड़ों का नुकसान!
19 hrs agoकेमिस्ट्री के क्षेत्र में नोबेल अवार्ड का ऐलान, हेनरी व केंसो सोई को सम्मान
22 hrs agoकीव समेत 12 इलाकों पर रूस ने किया मिसाइल अटैक, 4 बच्चों समेत 19 की मौत
22 hrs agoरूस के ब्लैक सी में ऊंची लपटें देख मचा हड़कंप, बाल-बाल बचे 23 भारतीय
1 day ago'फ्रांस पर कब्जा करना चाहता है इस्लाम', डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा
1 day agoझारखंड सीएम हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन का निधन
1 day agoकोरोना वायरस या प्लेग... साइबेरिया में कौन-सा संक्रमण फैला? क्या कहता WHO
1 day agoफ्लाईदुबई विमान हादसे में कितनी गंभीर थी मच्छार की चोट? हुई इमरजेंसी सर्जरी
1 day agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines