अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर अपनी सेना की जमकर पीठ थपथपाई है. व्हाइट हाउस में दिग्गज टेक कंपनियों के प्रमुखों से बात करते हुए ट्रंप ने इस जंग में अमेरिकी प्रदर्शन को 10 में से 15 अंक दिए. उन्होंने बड़े गर्व से कहा कि युद्ध के मोर्चे पर अमेरिका और उसके सहयोगी देश उम्मीद से कहीं बेहतर काम कर रहे हैं. ट्रंप का मानना है कि इस समय अमेरिका बेहद मजबूत स्थिति में है और ईरान की लीडरशिप पूरी तरह बिखर चुकी है. उन्होंने चुटकी लेते हुए यह भी कहा कि ईरान में जो भी नया लीडर बनने की कोशिश करता है वह मारा जाता है.
ईरान की मिसाइल ताकत और नौसेना पर बड़ा प्रहार
पेंटागन और ट्रंप प्रशासन का मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल क्षमता और उसके सैन्य ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त करना है. इसी कड़ी में एक बड़ी खबर यह आई कि अमेरिकी सबमरीन ने श्रीलंका के पास ईरान के एक महत्वपूर्ण युद्धपोत को समुद्र में डुबो दिया है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों का जखीरा अब तेजी से खत्म हो रहा है. राष्ट्रपति ने इस हमले को जायज ठहराते हुए कहा कि अगर अमेरिका और इजरायल पहले पहल न करते तो ईरान जल्द ही इजरायल और अमेरिका पर बड़ा हमला कर देता. उनके अनुसार पागल लोगों के हाथ में न्यूक्लियर हथियार पहुंचने देना दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा है.
यह भी पढ़ें: ईरान के क्लस्टर बम हमले से दहला इजरायल, कहा- इसके पीछे रूस या चीन का हाथ
जंग पर अमेरिकी जनता की राय और ट्रंप का वादा
भले ही राष्ट्रपति ट्रंप अपनी सैन्य सफलता के कसीदे पढ़ रहे हों लेकिन अमेरिकी जनता के बीच इस युद्ध को लेकर उत्साह कम दिख रहा है. रॉयटर्स और इप्सोस के हालिया सर्वे के मुताबिक केवल 25 प्रतिशत अमेरिकी नागरिक ही इस आक्रामक सैन्य कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं. चुनावी अभियान के दौरान ट्रंप ने वादा किया था कि वे कोई नई जंग शुरू नहीं करेंगे लेकिन ईरान के साथ बढ़ते तनाव ने उन्हें एक बड़े संघर्ष के बीच खड़ा कर दिया है. ट्रंप का तर्क है कि यह हमला आत्मरक्षा में उठाया गया कदम था ताकि भविष्य में होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सके.
भविष्य की रणनीति और रिजीम चेंज का सवाल
अमेरिका और इजरायल का संयुक्त हवाई अभियान अभी भी जारी है और ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने संकेत दिया है कि राष्ट्रपति अब जंग खत्म होने के बाद की स्थिति और ईरान में अमेरिका की भूमिका पर विचार कर रहे हैं. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अमेरिका का अंतिम लक्ष्य ईरान में सत्ता परिवर्तन यानी रिजीम चेंज है या सिर्फ सैन्य ठिकानों को तबाह करना. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ट्रंप की यह ’15/10′ वाली रणनीति आने वाले दिनों में मध्य पूर्व का नक्शा किस तरह बदलती है.
संबंधित खबरें
कौन हैं भारतीय मूल की पिया डांडिया? जो US मिडटर्म चुनाव में जीतीं
1 hr agoNASA एस्ट्रोनॉट अनिल मेनन ने स्पेस से US मिडटर्म में डाला वोट
2 hrs agoLIVE: स्पेन में रेल हादसे के 6 दिन बाद परिवहन मंत्री का इस्तीफा
2 hrs ago'डोनाल्ड ट्रंप को हम मार डालेंगे', ईरान की होर्डिंग-पेटिंग लगाकर खुली धमकी
2 hrs agoडोनाल्ड ट्रंप का इजरायल को झटका, 4 अरब डॉलर की मदद की बंद, जानें क्यों?
2 hrs agoUS मिडटर्म चुनाव मतणगना शुरू, आने लगे नतीजे; जॉर्जिया में जीते डेमोक्रेट्स
2 hrs ago'उड़ा दी एयर डिफेंस फैसिलिटी', US ने की ईरान के केशम द्वीप पर एयर स्ट्राइक
11 hrs agoरूस ने यूक्रेन पर दागी मिसाइलें, मलबे में बदला एक स्कूल; 29 की मौत
12 hrs agoक्या ईरान पर होने वाला है परमाणु हमला? तेहरान ने जारी की सर्वाइवल गाइड
14 hrs agoभारत-इजरायल दोस्ती से कांपे मुनीर! ईरान, सऊदी, तुर्किये के सामने रोया रोना
16 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines