पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा खुलासा किया है जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में खलबली मचा दी है. रविवार 5 अप्रैल 2026 को फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने पहली बार यह स्वीकार किया कि अमेरिका ने ईरान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को बड़ी संख्या में हथियार भेजे थे. ट्रंप का दावा है कि ये हथियार सीधे प्रदर्शनकारियों तक पहुंचाने के बजाय कुर्दों के जरिए भेजे गए थे लेकिन कुर्दों ने उन हथियारों को अपने पास ही रख लिया. इस बयान ने ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध की आग में घी डालने का काम किया है जिससे आने वाले दिनों में टकराव और बढ़ने के आसार हैं.
कौन हैं कुर्द?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने खुलासे में जिस कुर्द समुदाय का जिक्र किया है वे दुनिया के उन सबसे बड़े जातीय समूहों में से एक हैं जिनका अपना कोई स्वतंत्र देश नहीं है. करीब तीन करोड़ की आबादी वाले ये लोग मुख्य रूप से तुर्किए, ईरान, इराक और सीरिया के सीमावर्ती इलाकों में फैले हुए हैं और इनकी अपनी एक विशिष्ट भाषा और संस्कृति है. इनमें से ज्यादातर सुन्नी मुसलमान हैं और ईरान में सक्रिय इनके कई उग्रवादी गुटों को ईरानी सरकार ने पहले ही आतंकवादी घोषित कर रखा है. ट्रंप के इस दावे ने कुर्दों की भूमिका पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं क्योंकि अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र में अपनी रणनीतियों के लिए उनका इस्तेमाल करता रहा है.
यह भी पढ़ें: ‘नेतन्याहू के इशारों पर चलेंगे तो पूरा क्षेत्र जल उठेगा…’, ट्रंप की धमकी के बाद ईरान का पलटवार
45 हजार मौतों का सनसनीखेज दावा
हथियारों की सप्लाई के साथ-साथ ट्रंप ने ईरानी शासन की बर्बरता को लेकर भी एक बहुत बड़ा आंकड़ा पेश किया है जिसने सबको चौंका दिया है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सरकार ने अपने ही देश में हो रहे विद्रोह को कुचलने के लिए करीब 45 हजार प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार दिया है. हालांकि ईरान की तरफ से मौतों की कोई भी आधिकारिक संख्या जारी नहीं की गई है और अलग-अलग मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट में यह आंकड़ा 7 हजार से लेकर 30 हजार के बीच बताया जा रहा है. ट्रंप द्वारा बताए गए इस बड़े आंकड़े ने ईरान के भीतर जारी मानवाधिकारों के हनन और गृहयुद्ध जैसी स्थिति को लेकर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
ईरान को ट्रंप की आखिरी चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप का यह बड़ा कबूलनामा ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की तीव्रता अपने चरम पर पहुंच चुकी है. ट्रंप ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार 7 अप्रैल 2026 तक ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नहीं खोला गया तो अमेरिका विनाशकारी हमले करेगा. उन्होंने साफ कर दिया है कि समय सीमा खत्म होने के बाद अमेरिका ईरान के तमाम बुनियादी ढांचों और सैन्य ठिकानों पर अपने हमलों की ताकत को और ज्यादा बढ़ा देगा. फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें मंगलवार की डेडलाइन पर टिकी हैं क्योंकि एक छोटी सी चूक इस क्षेत्र को महाविनाश की ओर धकेल सकती है.
संबंधित खबरें
श्रीलंकाई हिंदू को अब नहीं होगी मौत की सजा, सऊदी अरब ने दी माफी
45 mins agoOpenAI ऑफिस में रिकॉर्डिंग डिवाइस लगाते पकड़ा गया सऊदी नागरिक, जासूसी का शक
1 hr agoसऊदी प्रिंस ने नेतन्याहू को हूती के खिलाफ जंग में शामिल होने से क्यों रोका?
4 hrs agoखुद के कर्म से बूंद बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान! भारत नहीं है जिम्मेदार
4 hrs ago'मिडटर्म चुनाव तक रुक जाओ, फिर...' डोनाल्ड ट्रंप ने हूतियों को दी धमकी
8 hrs ago'अमेरिका बदला है तो रिश्ते भी बदलेंगे' विदेश मंत्री एस जयशंकर बोले
8 hrs agoपोप लियो को हुआ कैंसर, सर्जरी में फेफड़े का निचला हिस्सा हटाया
9 hrs agoइजरायल ने 11 देशों के पायलटों और क्रू पर लगाई पाबंदी, सुरक्षा नियम किए सख्त
9 hrs agoदुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला
9 hrs agoफ्लाईदुबई मामले में आया नया ट्विस्ट, पकड़े गए मालदीव के 2 पायलट
17 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines