ओमान के तट के पास कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए भारत ने शुक्रवार को दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया है. ओमान के तट पर 20 भारतीय क्रू सदस्यों वाले एक और कमर्शियल जहाज पर हमले के बाद, भारत ने इस हफ्ते दूसरी बार अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स जेसन मीक्स को तलब किया. यह चार दिनों में भारतीय नाविकों से जुड़ी ऐसी तीसरी घटना है.
विदेश मंत्रालय (MEA) में एडिशनल सेक्रेटरी (अमेरिका) ने अमेरिकी राजनयिक को बुलाया, क्योंकि नई दिल्ली ने खाड़ी क्षेत्र में कमर्शियल शिपिंग के लिए बढ़ते ख़तरे को देखते हुए अपनी कूटनीतिक प्रतिक्रिया तेज कर दी है.
18,000 भारतीय नाविकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी
यह नया समन तब आया, जब कमर्शियल जहाजों पर लगातार हुए हमलों के बाद डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने होर्मुज स्ट्रेट, ओमान की खाड़ी और आस-पास के इलाकों में काम कर रहे लगभग 18,000 भारतीय नाविकों के लिए समुद्री सुरक्षा से जुड़ी एक नई एडवाइजरी जारी की.
यह एडवाइजरी हाल ही में भारतीय क्रू सदस्यों वाले जहाजों से जुड़ी तीन घटनाओं के बाद जारी की गई है. इनमें ओमान के तट के पास हुआ एक जानलेवा हमला भी शामिल है, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी.
कब-कब हुए हमले?
पहली घटना 8 जून को MT Marivex के साथ हुई, जब समुद्री सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, एक संदिग्ध हमले के बाद टैंकर में आग लग गई थी. जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए.
दूसरा हमला 10 जून को हुआ, जब ओमान की खाड़ी में MT Settebello पर हमला हुआ. इस टैंकर पर 24 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे. हालांकि 21 नाविकों को बचा लिया गया, लेकिन शुरू में लापता बताए गए तीन भारतीयों की मौत की पुष्टि बाद में हुई.
तीसरी घटना गुरुवार को सामने आई, जब ओमान के तट के पास भारतीय क्रू सदस्यों वाले एक और मर्चेंट जहाज पर हमला हुआ, जिससे इस इलाके में कमर्शियल शिपिंग की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई.
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हमले की वजह के बारे में नहीं दी कोई जानकारी
कई रिपोर्टों में जहाज की पहचान MT जलवीर के तौर पर की गई है, जिसमें 20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे. हालांकि, अधिकारियों ने अभी तक घटना की असल वजह के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. सरकारी अनुमानों के मुताबिक, होर्मुज (Strait of Hormuz) के पश्चिम और पूर्व के समुद्री इलाकों में भारत के झंडे वाले 13 जहाजों पर 622 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं.
खाड़ी क्षेत्र में विदेशी झंडे वाले सैकड़ों मर्चेंट जहाजों पर लगभग 18,000 भारतीय नागरिक काम करते हैं, जिससे भारत उन देशों में शामिल हो गया है जिन पर बिगड़ती समुद्री सुरक्षा स्थिति का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है. भारत के पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कार्यबल (seafaring workforce) है, जिसमें लगभग 3.2 लाख भारतीय नाविक दुनिया भर में जहाजों पर काम कर रहे हैं.
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