दिवंगत सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को दफनाते ही अब अमेरिका और ईरान दोनों फिर से एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं. रविवार को अमेरिका ने ईरान पर जबरदस्त स्ट्राइक की. अमेरिका का ये हमला ईरान की होर्मुज पर की गई एक स्ट्राइक का मुंहतोड़ जवाब था. दरअसल ईरान ने होर्मुज में एक जहाज पर हमला किया था, जिसमें उसमें आग लग गई थी. अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने ये जानकारी देते हुए बताया कि रविवार को उन्होंने ईरान के 140 ठिकानों को टारगेट किया. इसके साथ ही अमेरिका ने ये ऐलान कर दिया कि होर्मुज़ स्ट्रेट उन सभी जहाजों के लिए खुला है जो अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से कानूनी रूप से गुजरना चाहते हैं, ईरान का इस जलडमरूमध्य पर कंट्रोल नहीं है.
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ईरान ने कैसे दिया जवाब?
ईरान ने भी अमेरिका पर एक के बाद एक कई हमले किए. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्म्स (IRGC) ने रविवार को अमेरिकी फोर्स पर किए गए हमलों का वीडियो भी जारी किया. ईरान ने इस हमले में क़द्र, एमाद, खैबर शेकन, फतेह-110 और जोल्फागार एड्वांस बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इनमें सॉलिड और लिक्विड दोनों तरह के फ्यूल वाली मिसाइलें मौजूद थीं. ये प्रसिजन गाइडेड होती हैं, जिससे इनका निशाना एकदम सही जगह जाकर लगता है. खोर्रमाबाद में IRGC एयरोस्पेस फोर्स के नए एयर डिफेंस सिस्टम ने एक क्रूज मिसाइल को तबाह कर दिया. ईरान इतने पर ही नहीं रुका, उसने बहरीन, कुवैत, कतर, ओमान जैसे खाड़ी देशों पर भी स्ट्राइक की. उन्होंने वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया.
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क्या है मामला?
खबरें ऐसी भी हैं कि अमेरिका की एयर स्ट्राइक में ईरान के एक और सैनिक की मौत हो गई. सूत्रों के मुताबिक, IRGC नौसेना के लेफ्टिनेंट हामिदरेजा देहघानी इस हमले में मारे गए. दरअसल, फरवरी से ही दोनों देशों के बीच तनाव जारी है. अभी कुछ वक्त पहले ही ये कयास लगाए जा रहे थे कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता बस होने ही वाला है. दोनों के बीच सीज़फायर पर भी बात बन गई थी. लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बात नहीं बन पा रही है. जिसके बाद बीच-बीच में अमेरिका और ईरान दोनों की तरफ से स्ट्राइक होती रही. अब ईरान ने ये भी साफ कर दिया है कि वो किसी भी तरह की बातचीत के लिए तैयार नहीं है. वहीं अमेरिका का कहना है कि अगर ईरान नहीं माना तो इसका खामियाज़ा उसे भारी पड़ेगा.
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